देश के सबसे ज्यादा ट्रैफिक समस्याओं वाले शहरों में से एक, बेंगलुरु में जाम से निपटने के लिए एआई-संचालित ट्रैफिक सिग्नल लगाए जा रहे हैं। शहर के जिन प्रमुख मार्गों पर ये सिग्नल लगाए गए हैं, वहां लोगों के समय की 20 से 33 प्रतिशत तक बचत हो रही है। बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, एडेप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम (BATCS) ट्रैफिक प्रवाह को बेहतर बनाने और देरी को कम करने में मदद कर रहा है। यह प्रणाली ट्रैफिक को व्यवस्थित करने और ट्रैफिक सिग्नलों पर मैनुअल हस्तक्षेप को कम करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसमें प्रमुख मार्गों पर ‘ग्रीन वेव्स’ बनाई जाती हैं, जिससे वाहन बिना रुके कई क्रॉसिंग पार कर सकते हैं। इससे समय के साथ ईंधन की भी बचत होती है। इस साल मई से बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने इस तकनीक को लागू करना शुरू किया था। वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार होगा और ट्रैफिक सिग्नलों के मैनुअल प्रबंधन के बोझ से छुटकारा मिलेगा। वर्तमान में, 136 चौराहों को एआई-संचालित ट्रैफिक सिग्नल से अपग्रेड किया जा चुका है, और जल्द ही 29 और सिग्नल लगाए जाएंगे।
बेंगलुरु के संयुक्त ट्रैफिक कमिश्नर एम.एन. अनुचेत का कहना है कि एआई-संचालित क्षमताओं की वजह से BATCS एक अनूठा सिस्टम है। यह प्रणाली ट्रैफिक जंक्शनों पर लगे कैमरा सेंसरों से प्राप्त डेटा के आधार पर ट्रैफिक के घनत्व का पता लगाकर सिग्नल की टाइमिंग को समायोजित करती है, जिससे ट्रैफिक का प्रवाह बनाए रखना आसान हो जाता है और जाम की समस्या घटती है। जयपुर, भोपाल और अहमदाबाद जैसे अन्य शहरों में भी, जहाँ ट्रैफिक का भारी दबाव है, इस तकनीक से जाम की समस्या से राहत मिल सकती है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सेंट्रल मॉनिटरिंग कमांड सेंटर से ट्रैफिक सिग्नल्स को नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे समस्या की स्थिति में सिग्नल टाइमिंग को समायोजित करना आसान हो जाता है।
बेंगलूरु में एआई-संचालित ट्रैफिक सिग्नल, टाइमिंग भी खुद ही एडजस्ट





