राजस्थान के मुख्य सचिव सुधांश पंत ने भिवाड़ी को गुरुग्राम की तर्ज पर विकसित करने के संकेत दिए हैं। जयपुर में सोमवार को आयोजित प्री-इन्वेस्टमेंट समिट में पंत ने कहा कि दिल्ली और गुरुग्राम के निकट होने के बावजूद भिवाड़ी का विकास उस स्तर पर नहीं हुआ, जिसकी आवश्यकता थी। यहां बहुत अच्छी संभावनाएं हैं, इसलिए इस दिशा में ध्यान केंद्रित करना होगा। यह निवेशकों के लिए भी एक बेहतर संभावनाओं वाला क्षेत्र है।
कार्यक्रम में पंत ने नगरीय निकायों को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि रूटीन मामलों के लिए सरकार के पास नहीं आना चाहिए। यह जरूरी है कि निकायों पर विश्वास करते हुए अधिकांश मामलों का निस्तारण उनके स्तर पर किया जाए। सरकार का काम केवल नीति निर्माण करना होना चाहिए।
पंत ने द्रव्यवती नदी के बारे में कहा कि यह परियोजना अपने उद्देश्यों में सफल नहीं हो पाई है। इसमें साफ और शुद्ध पानी बहना था, लेकिन दुर्भाग्य से यह अभी तक संभव नहीं हो पाया है। संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों को देखना होगा कि ऐसा क्यों नहीं हुआ।
• शहरों में प्रभावी ड्रेनेज और सीवरेज सिस्टम होना चाहिए।
• बिल्डिंग बायलॉज में संशोधन किया जाना चाहिए और हर भूखंड का कुछ हिस्सा पौधारोपण के लिए आरक्षित होना चाहिए।
• सेटबैक में निर्माण गतिविधियों को सख्ती से रोका जाना चाहिए।
• स्लम रि-डेवलपमेंट की पुख्ता योजना की आवश्यकता है।
गुरुग्राम की तर्ज पर होगा भिवाड़ी का विकास, मुख्य सचिव ने दिए संकेत






