जानी मास्टर दक्षिण भारतीय फिल्मों के प्रसिद्ध कोरियोग्राफर हैं। उन्होंने हिंदी फिल्मों में भी कोरियोग्राफी की है। कुछ समय पहले उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया था। अब तेलंगाना हाईकोर्ट ने उन्हें इस मामले में जमानत दे दी है, लेकिन कोर्ट ने उन्हें कुछ शर्तों का पालन करने का निर्देश भी दिया है। हाल ही में दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में यौन उत्पीड़न के मामलों को लेकर हलचल मची हुई है, जिसमें कई बड़े नाम शामिल हो रहे हैं। अगस्त महीने में फिल्म निर्माता रंजीत का नाम भी ऐसे ही एक मामले में आया था, और उन पर भी यौन उत्पीड़न का केस दर्ज किया गया था। इस सूची में ‘स्त्री-2’ के गाने ‘आई नहीं…’ कोरियोग्राफ करने वाले जानी मास्टर का भी नाम शामिल है, जिन पर ऐसा ही मामला दर्ज हुआ था। शिकायत के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन अब तेलंगाना हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई है।
हालांकि, जानी मास्टर को जमानत मिलने के बावजूद उनके खिलाफ जो मामला दर्ज हुआ है, वह गंभीर है क्योंकि उन पर पॉक्सो एक्ट के तहत आरोप लगाया गया है। पीड़िता, जिसकी उम्र 21 वर्ष बताई गई है, ने आरोप लगाया है कि जानी मास्टर ने उनका यौन उत्पीड़न तब से किया जब वह सिर्फ 16 साल की थीं। इसी कारण उनके खिलाफ बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने वाले पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
कोर्ट ने जमानत देते समय साफ कहा है कि जानी मास्टर पीड़िता से किसी भी तरह का संपर्क नहीं करेंगे और जांच में पूरी तरह से सहयोग करेंगे। इन्हीं शर्तों के आधार पर उन्हें जमानत दी गई है। इस मामले के दर्ज होने से पहले जानी मास्टर दक्षिण के प्रमुख अभिनेता पवन कल्याण की जनसेना पार्टी में शामिल हुए थे, लेकिन यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों के बाद पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया। इस केस के कारण उनका राष्ट्रीय पुरस्कार भी वापस ले लिया गया, जबकि उन्हें इस साल सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफी के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने वाला था।
यौन उत्पीड़न केस में जानी मास्टर को जमानत मिली






