4,112 किलोमीटर लंबे इस हाईवे की शुरुआत बर्फ से लदे पहाड़ों और झरनों के नजारों के साथ होती है और समंदर के किनारे कन्याकुमारी पर जाकर खत्म होती है.
पिछले एक दशक में देश में हाईवे के साथ-साथ एक्सप्रेसवे का निर्माण तेजी से बढ़ा है। इनमें दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है। हालांकि, दूरी के मामले में यह देश के सबसे पुराने और लंबे हाईवे से पीछे है। आज हम आपको भारत के एक ऐसे राष्ट्रीय राजमार्ग के बारे में बताएंगे, जिसे “हाईवे की रीढ़” कहा जा सकता है। यह हाईवे न केवल देश का सबसे लंबा है, बल्कि सबसे ज्यादा राज्यों से होकर गुजरता है। आसान शब्दों में कहें तो एनएच-44 कश्मीर से कन्याकुमारी तक पूरे भारत का दर्शन कराता है। इस यात्रा में आपको नदियाँ, पहाड़, झरने और समंदर के नज़ारे देखने को मिलते हैं।
कश्मीर से कन्याकुमारी तक का सफर
नेशनल हाईवे-44 श्रीनगर, कश्मीर से शुरू होकर दक्षिण में कन्याकुमारी पर खत्म होता है। यह हाईवे लगभग 4,112 किलोमीटर लंबा है। पहले इसे एनएच-7 के नाम से जाना जाता था। कश्मीर में बर्फीली वादियों और झरनों से शुरू होकर, पंजाब के सरसों के खेत, हरियाणा, दिल्ली, और उत्तर प्रदेश होते हुए यह राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से गुजरता है। रास्ते में आपको कई अद्भुत प्राकृतिक नज़ारे देखने को मिलते हैं। महाराष्ट्र के बाद यह तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से गुजरते हुए कर्नाटक के जंगलों को पार करता है और कन्याकुमारी पर समाप्त होता है।
एनएच-44 का निर्माण और महत्व
देश का सबसे बड़ा हाईवे एनएच-44 एक बार में नहीं बना है। इसे 7 बड़े हाईवे (NH1A, NH1, NH2, NH3, NH75, NH26 और NH7) को मिलाकर तैयार किया गया है। यह नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर का हिस्सा है, जिसने देश में परिवहन को सुगम बनाया और आसपास के इलाकों में आर्थिक उन्नति को बढ़ावा दिया।
दुनिया में भी खास
एनएच-44 न केवल भारत का सबसे लंबा हाईवे है, बल्कि यह दुनिया का 22वां सबसे लंबा राजमार्ग भी है। यह हाईवे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (1,350 किलोमीटर) से लगभग तीन गुना बड़ा है। यह हाईवे देश की विविधता को देखने और अनुभव करने का एक बेहतरीन जरिया है।
देश का सबसे लम्बा हाईवे एनएच 44, एक ही सफर में देख सकेंगे कश्मीर से कन्याकुमारी तक की विविधतायें






