प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लक्षद्वीप यात्रा के बाद इस केंद्र शासित प्रदेश में पर्यटन को नई ऊंचाइयां मिल गई हैं। पीएम द्वारा भारतीयों से लक्षद्वीप की यात्रा करने का आग्रह अब असर दिखाने लगा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल अप्रैल से जून के बीच इस भारतीय द्वीप की यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या दोगुनी होकर 22,990 हो गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 11,074 थी। साथ ही, इस अवधि के दौरान विमानों की आवाजाही में भी 88 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो पिछले साल 418 से बढ़कर इस साल 786 हो गई। इन आंकड़ों के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि एयरलाइन कंपनियों ने अपनी क्षमता बढ़ाई है। 31 जुलाई, 2023 के मुकाबले इस साल जुलाई में लक्षद्वीप के लिए उड़ानों की संख्या 3.5 गुना बढ़कर 106 हो गई। सीटों की कुल संख्या भी जुलाई 2023 के 2,170 से जुलाई 2024 में कई गुना बढ़कर 7,844 हो गई है। 2023 में केवल एक एयरलाइन के विमान कोच्चि से उड़ान भरते थे, लेकिन इस साल जुलाई में तीन विमानन कंपनियों ने अपनी सेवाएं शुरू कर दी हैं। यात्रा उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि अब कई पर्यटक लक्षद्वीप की यात्रा करने में रुचि दिखा रहे हैं। इसी को देखते हुए कई एयरलाइन कंपनियों ने अपनी सेवाएं लक्षद्वीप के लिए शुरू की हैं। इंडिगो की लक्षद्वीप के लिए इस साल फरवरी तक कोई उड़ान नहीं थी, लेकिन कंपनी ने जुलाई में कोच्चि और बेंगलुरु से 53 उड़ानें संचालित की हैं। सीधी उड़ान सेवा प्रदान करने वाली गोवा फ्लाई 91 ने भी इसी महीने 21 उड़ानें भरी हैं। अभी लक्षद्वीप में केवल टर्बो विमान ही उतर सकते हैं, लेकिन नए एयरपोर्ट के बनने के बाद बड़े विमान भी उतर सकेंगे। ट्रैवल एजेंट्स फेडरेशन का मानना है कि लक्षद्वीप में एयरपोर्ट के विस्तार के बाद पर्यटकों की संख्या में कम से कम तीन गुना बढ़ोतरी हो सकती है। इन दिनों अधिकांश उड़ानें पूरी तरह भरी हुई रहती हैं, इसलिए मांग अधिक है। लेकिन आने वाले समय में बढ़ती मांग को देखते हुए नई उड़ानों के शुरू होने की उम्मीद है। बढ़ते पर्यटकों को ध्यान में रखते हुए लक्षद्वीप में नए रिजॉर्ट और होटल भी बनाए जा रहे हैं।
मालदीव में भारतीय पर्यटकों की संख्या में गिरावट मालदीव इमिग्रेशन के आंकड़े बताते हैं कि इस साल अप्रैल-जुलाई के बीच भारतीय पर्यटकों की कुल संख्या में 45 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। पिछले साल अप्रैल-जुलाई में यह संख्या 66,375 थी, जो इस साल इसी अवधि में घटकर 36,761 रह गई। और इससे भी बड़ी बात यह है कि इस साल इसी अवधि में मालदीव में भारतीय पर्यटकों की हिस्सेदारी भी 12 प्रतिशत से घटकर 6.3 प्रतिशत रह गई है।
प्रधानमंत्री के दौरे के बाद के लक्षद्वीप में पर्यटन को लगे नए पंख, लोगों ने छुट्टियाँ मनाने के लिए मालदीव की बजाय चुना ये द्वीप





