महिला पुलिसकर्मियों के शहीद होने पर अब उनके जीवनसाथी या कानूनी वारिस को अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर इस संबंध में कानूनी अड़चनों को समाप्त करने की घोषणा की थी। इसके तहत गृह विभाग ने मंगलवार को शासनादेश में बदलाव किया। राज्य सरकार ने शहीद पुलिसकर्मियों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि की प्रक्रिया को सरल बनाया है। अब शहीद पुलिसकर्मी के जीवनसाथी और कानूनी वारिस भी इस राशि के हकदार होंगे। महिला पुलिसकर्मियों को भी इस दायरे में शामिल किया गया है। कर्तव्यपालन के दौरान दुर्घटना में मृत्यु होने पर भी यह राशि उनके जीवनसाथी, माता-पिता या कानूनी वारिस को दी जाएगी। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार, मृतक पुलिसकर्मी के जीवनसाथी और कानूनी वारिस को अनुग्रह राशि सुनिश्चित करने के लिए गृह विभाग ने नया शासनादेश जारी किया है। यह आदेश केवल राज्य पुलिसकर्मियों पर लागू होगा और सेना या अर्द्धसैनिक बलों पर प्रभावी नहीं होगा।
अनुग्रह राशि का बंटवारा:
• शहीद पुलिसकर्मी की पत्नी को 40 लाख रुपये और माता-पिता को 10 लाख रुपये मिलते थे। अब कानूनी वारिस को भी इसमें शामिल किया गया है।
• दुर्घटना में मृत्यु पर 25 लाख रुपये में से 20 लाख पत्नी और 5 लाख माता-पिता को दिए जाते थे। अब कानूनी वारिस को भी इसका लाभ मिलेगा।
अनुग्रह राशि वितरण की नई व्यवस्था:
- माता-पिता के जीवित न होने पर: संपूर्ण राशि पत्नी को दी जाएगी।
- पत्नी के जीवित न होने पर: पूरी राशि माता-पिता को दी जाएगी।
- पत्नी और माता-पिता दोनों के न होने पर: कानूनी वारिस को राशि प्रदान की जाएगी।
- विवाहित महिला पुलिसकर्मी के शहीद होने पर: पूरी राशि पति को दी जाएगी। यदि पति जीवित नहीं है, तो कानूनी वारिस को दी जाएगी।
- अविवाहित पुलिसकर्मी के शहीद होने पर: पूरी राशि माता-पिता को दी जाएगी।
यह बदलाव शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने और कानूनी जटिलताओं को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।





