राजधानी में मौसम के बदलाव के साथ कोहरे और स्मॉग का असर लोगों पर पड़ रहा है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाओं ने ठंड बढ़ा दी है। सुबह-शाम के साथ दिन में भी ठंडी हवाएं कंपकंपी बढ़ा रही हैं। गुरुवार को दिल्ली में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री कम है। सबसे ठंडा इलाका नरेला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
सुबह 7:30 बजे तक सफदरजंग एयरपोर्ट पर दृश्यता 250 मीटर और पालम में 600 मीटर रही। कोहरे और स्मॉग के चलते वाहन चालकों को भारी परेशानी हुई। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी सुबह घने कोहरे और स्मॉग का पूर्वानुमान जताया है। शाम और रात में स्मॉग छाने की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 23 और 6 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। गुरुवार को दिन में थोड़ी देर के लिए धूप निकली, लेकिन शाम से पहले ही आसमान में कुहासा छा गया। हवा की गति धीमी होने के कारण स्मॉग में कमी नहीं आई, और ठंडी हवाओं ने ठंड का अहसास बढ़ा दिया। दिन का अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री अधिक था।
स्मॉग की चपेट में राजधानी
राजधानी गैस चैंबर में बदल गई है। आसमान पर स्मॉग की मोटी चादर छाई हुई है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो गया है। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों को हो रही है। हवा की गति कम होने से वायु गुणवत्ता “अति गंभीर” श्रेणी में पहुंच गई है। कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 500 के करीब दर्ज किया गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, गुरुवार को एक्यूआई 451 दर्ज हुआ, जो बुधवार से 6 अंक अधिक है। यह स्थिति “अति गंभीर” श्रेणी में आती है। सीपीसीबी ने अनुमान लगाया है कि शुक्रवार को भी यही स्थिति बनी रह सकती है। सुबह से लेकर दिन तक स्मॉग छाया रहा, और आसमान में धूप पूरी तरह नहीं खिल पाई। राजधानी के वजीरपुर, जहांगीरपुरी, आनंद विहार जैसे 29 इलाकों में वायु गुणवत्ता “गंभीर” श्रेणी में रही, जबकि चांदनी चौक और द्वारका जैसे केवल चार इलाकों में हवा “बेहद खराब” श्रेणी में दर्ज हुई।
भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के अनुसार, उत्तर-पूर्व दिशा से आने वाली हवाएं केवल 8 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चल रही थीं, जो शाम को घटकर 4 किलोमीटर प्रति घंटा रह गईं। इससे प्रदूषक कण और घनीभूत हो गए, और स्मॉग का असर बढ़ गया। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के चलते प्रदूषण के फैलाव में बाधा आ रही है, जिससे स्थिति गंभीर हो रही है।
कोहरे, स्मॉग, प्रदूषण फिर गैस चैंबर बनी दिल्ली, तीन दिन का यलो अलर्ट




