बद्रीनाथ हाईवे पर बनाए गए आठ डंपिंग ज़ोन में से पाँच पूरी तरह भर चुके हैं, और हाईवे के किनारे मलबे के ढेर जमा हो गए हैं। मलबा निस्तारण का काम जनवरी तक पूरा होना था, लेकिन जगह की कमी के कारण यह काम रुक गया है। ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत बद्रीनाथ हाईवे पर हिल कटिंग से निकले मलबे को डंप करने के लिए डंपिंग ज़ोन बनाए गए थे। अब इनमें से अधिकांश ज़ोन भर चुके हैं, जिससे एनएचआईडीसीएल (राष्ट्रीय राजमार्ग एवं ढांचागत विकास निगम) को मलबा निस्तारण के लिए नई जगह नहीं मिल रही है।
परिस्थिति यह है कि कमेड़ा, नंदप्रयाग, क्षेत्रपाल, गडोरा, भनेरपानी, पागलनाला, बेलाकूची, और गुलाबकोटी क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद मलबा और बोल्डर हाईवे पर आ गए, जिससे समस्या और बढ़ गई। इन क्षेत्रों में कुल आठ डंपिंग ज़ोन बनाए गए थे, लेकिन पुरसाड़ी, छिनका, कौड़िया, क्षेत्रपाल और पागलनाला के ज़ोन भर चुके हैं, जिससे निस्तारण कार्य ठप हो गया है।
वन विभाग डंपिंग ज़ोन के लिए नई जगह चिह्नित कर रहा है। अगले दस दिनों में नई जगह मिलने की उम्मीद है, जिससे काम दोबारा शुरू किया जा सकेगा। सुशील वर्मा महाप्रबंधक एनएचआईडीसीएल
बदरीनाथ हाईवे के किनारे लगे मलबे के ढेर, निस्तारण को नहीं मिल रही जगह





