सरकार की ओर से महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम सरकारी विद्यालयों की समीक्षा के लिए बनाई गई कमेटी के बाद राजस्थान में सियासत गरमा गई है।
राजस्थान में भजनलाल सरकार ने गहलोत सरकार के एक और फैसले को पलटने की तैयारी कर ली है। सरकार ने महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम सरकारी विद्यालयों की समीक्षा के लिए चार मंत्रियों की एक समिति बनाई है। इसके बाद से ही कांग्रेस लगातार भाजपा सरकार पर हमलावर हो गई है। गौरतलब है कि सरकार ने हाल ही में पूर्ववर्ती सरकार द्वारा बनाए गए 9 नए जिलों और 3 संभागों को रद्द कर दिया था।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूल पर रिव्यू कमेटी बनाए जाने को लेकर भजनलाल सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, “स्कूलों को बंद करने की जो सोच है, वह समझ से परे है। राजस्थान ने पहला प्रयोग किया था, जिसकी सबने सराहना की थी। प्राइवेट स्कूल में 40-50 हजार रुपये तक की फीस होती है।” उन्होंने आगे कहा, “सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में छोटे बच्चे अंग्रेजी में बात करते हैं। सरकार के पास करने के लिए बहुत काम हैं, लेकिन फिलहाल यह केवल प्रचार के जरिए चल रही है। मुख्यमंत्री के सलाहकार कौन हैं और क्या सलाह दे रहे हैं, यह समझ से परे है। 9 जिलों को रद्द कर दिया गया, जिससे जनता में भारी प्रतिक्रिया हो रही है। अब स्कूलों के मुद्दे पर भी लोग आक्रोशित हैं। गरीब के बच्चे कहां जाएंगे?” गहलोत ने यह भी कहा, “गांव के बच्चों को अंग्रेजी पढ़ाना बहुत बड़ा फैसला था। आज का जमाना अंग्रेजी का है। अब तो AI भी आ गई है, जिससे मुकाबले के लिए बच्चों को तैयार करने के लिए यह योजना लाई गई थी। मुझे दुख है कि अब इस पर समीक्षा की बात शुरू हो गई है।”
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शनिवार को पत्रकारों से कहा कि अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों को बंद कराकर शिक्षा मंत्री निजी विद्यालय संचालकों को फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस और भाजपा की विचारधारा वाले शिक्षकों को इंटरव्यू के जरिए लाने का प्रयास किया जा रहा है।
डोटासरा ने कहा, “अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में 13,552 शिक्षकों के पद रिक्त हैं। गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के 3,640 पद भी खाली हैं। समिति में उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा को संयोजक बनाया गया है। लेकिन उन्हें यह समिति बीच में ही छोड़नी पड़ सकती है, क्योंकि उनके क्षेत्र में भी 59 अंग्रेजी माध्यम के स्कूल हैं। वे उन्हें कैसे बंद कराएंगे?”
अंग्रेजी माध्यम के 3,737 विद्यालय संचालित
राजस्थान में कुल 3,737 अंग्रेजी माध्यम के विद्यालय हैं। इनमें 45,300 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 28,108 शिक्षक और अन्य कर्मचारी कार्यरत हैं। शैक्षणिक सत्र 2024-25 में इन स्कूलों में 6,77,371 बच्चों का नामांकन हुआ, जबकि 2023-24 के सत्र में यह संख्या 7,09,970 थी।






