वित्त मंत्रालय की ओर से केंद्रीय बजट पेश होने से ठीक पहले एक “हलवा समारोह” का आयोजन किया जाता है। इस समारोह का उद्देश्य यह संकेत देना है कि बजट को अंतिम रूप दे दिया गया है और उसकी छपाई का कार्य शुरू हो गया है। आइए इस परंपरा और इसके महत्व के बारे में जानते हैं।
हलवा समारोह हर साल केंद्रीय वित्त मंत्री की उपस्थिति में नॉर्थ ब्लॉक में आयोजित किया जाता है। यह परंपरा बजट तैयार करने की “लॉक-इन” प्रक्रिया शुरू होने से पहले निभाई जाती है। पिछले साल यह समारोह केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण की उपस्थिति में आयोजित हुआ था। बजट तैयार करने की प्रक्रिया के अंतिम चरण में इस आयोजन के माध्यम से टीम की मेहनत का सम्मान किया जाता है। यह समारोह बजट तैयार करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करने का प्रतीक है। जब बजट निर्माण का कार्य अंतिम चरण में पहुंचता है, तो सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी अपने परिवारों से संपर्क तक नहीं कर पाते हैं। संसद में बजट पेश होने तक ये लोग पूरी तरह नॉर्थ ब्लॉक में रहते हैं। उनकी गोपनीयता सुनिश्चित करने और उनकी मेहनत को मान्यता देने के लिए इस समारोह का आयोजन किया जाता है। हलवा समारोह में वित्त मंत्री पारंपरिक तरीके से एक बड़ी कड़ाही में हलवा बनाते हैं। इसके बाद हलवे को बजट तैयार करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों में बांटा जाता है। यह समारोह नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में होता है, जहां बजट छपाई के लिए विशेष प्रिंटिंग प्रेस मौजूद है। इस मीठी शुरुआत को बजट की छपाई प्रक्रिया के औपचारिक आरंभ के तौर पर देखा जाता है।
संसद में बजट पेश होने से पहले वित्त मंत्रालय के सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी पूरी तरह से बाहरी दुनिया से कट जाते हैं। उन्हें फोन का उपयोग करने और अपने परिवार से संपर्क करने की अनुमति नहीं होती। सीसीटीवी, जैमर और इंटेलिजेंस ब्यूरो की निगरानी में पूरी गोपनीयता सुनिश्चित की जाती है। यह परंपरा 1950 के बाद से शुरू हुई, जब बजट दस्तावेजों के लीक होने की घटना के कारण इसकी छपाई राष्ट्रपति भवन से नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में स्थानांतरित कर दी गई थी।
हलवा समारोह न केवल बजट प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है, बल्कि यह टीम की मेहनत और समर्पण का सम्मान भी करता है।
बजट पेश होने से ठीक पहले किया जाता है “हलवा सेरेमनी” का आयोजन, जानिए इसका महत्व






