थाईलैंड में कानून लागू होते ही एक हाई-प्रोफाइल गे कपल ने शादी कर ली है। पहली शादी सुमाली सुदसेनेट (64) और थानाफोन चोखोंगसुंग (59) ने की।
जहां एक ओर भारत में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता दिलाने के लिए वर्षों से संघर्ष जारी है, वहीं दूसरी ओर एशियाई देशों में इसे कानूनी मान्यता मिल रही है। अब थाईलैंड, जो लोगों का पसंदीदा पर्यटन स्थल है, में भी समलैंगिक विवाह कानून प्रभावी हो गया है। इस कानून के लागू होते ही एक हाई-प्रोफाइल गे कपल ने शादी की है। रिपोर्ट के अनुसार, इस कानून के लागू होने के बाद आज के दिन ही 100 से अधिक शादियां प्रस्तावित हैं। इनमें से पहली शादी सुमाली सुदसेनेट और थानाफोन चोखोंगसुंग ने बैंकॉक के बंगरक जिले में की।
समलैंगिक विवाह को मान्यता देने वाला थाईलैंड एशिया का तीसरा और सबसे बड़ा देश बन गया है। 2024 में थाईलैंड की संसद ने इस विधेयक को पारित किया था, जिसके बाद LGBTQ समुदाय में खुशी की लहर दौड़ गई। इस कानून में पति-पत्नी के स्थान पर ‘व्यक्ति’ शब्द का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही, समलैंगिक जोड़ों को बच्चों को गोद लेने और उत्तराधिकारी घोषित करने का अधिकार भी दिया गया है।
थाईलैंड में समलैंगिकता को लेकर भारत जैसे अन्य एशियाई देशों के समान विरोध था। AFP की रिपोर्ट के अनुसार, कई LGBTQ समुदाय के लोगों ने भेदभाव का सामना किया है। सेम-सेक्स मैरिज के लिए थाई कार्यकर्ता एक दशक से अधिक समय से संघर्ष कर रहे थे। हालांकि, तख्तापलट और बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के चलते यह प्रयास बार-बार असफल हो जाता था।
थाईलैंड के अभिनेता अपीवात पोर्श अपीवात्सायरी (49) और साप्पन्यो आर्म पैनाटकूल (38) ने बैंकॉक के एक रजिस्ट्री कार्यालय में शादी की। उन्हें विवाह प्रमाणपत्र भी दिया गया। शादी के दौरान यह कपल भावुक होकर रो पड़ा।
यह कानून सितंबर 2024 में थाईलैंड के राजा महा वजीरालोंगकोर्न द्वारा अनुमोदित किया गया था और 120 दिनों के बाद इसे लागू कर दिया गया। थाईलैंड अब दक्षिण पूर्व एशिया का पहला देश बन गया है जिसने सेम-सेक्स मैरिज को कानूनी मान्यता दी है। यह देश LGBTQ समुदाय के लिए सहिष्णुता और कानूनी अधिकारों के मामले में विश्व स्तर पर पहचाना जाता है।
2001 में नीदरलैंड ने समलैंगिक विवाह को कानूनी रूप से मान्यता दी थी, ऐसा करने वाला यह दुनिया का पहला देश था। इसके बाद 20 से अधिक देशों ने इसे लागू किया। एशिया में ताइवान और नेपाल पहले ऐसे देश थे जिन्होंने समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता दी, और अब थाईलैंड तीसरा देश बन गया है।
समलैंगिक विवाह को मान्यता देने वाले देशों में नीदरलैंड, बेल्जियम, कनाडा, अमेरिका, स्पेन, दक्षिण अफ्रीका, नॉर्वे, स्वीडन, मैक्सिको, पुर्तगाल, ऑस्ट्रेलिया, ब्राज़ील, चिली, जर्मनी सहित अन्य शामिल हैं। एशियाई देशों में अब नेपाल, ताइवान और थाईलैंड का नाम प्रमुख है।






