बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने चीन और रूस से विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए मदद की गुहार लगाई है। प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस की सरकार ने चीन से आग्रह किया है कि वह बांग्लादेश को दिए गए कर्ज की ब्याज दर को घटाकर 1% कर दे और देनदारी की अवधि को 30 साल तक बढ़ा दे। फिलहाल बांग्लादेश पर चीनी कर्ज की ब्याज दर 2-3% के बीच है, जिसे अगले 20 वर्षों में चुकाना है। साथ ही, बांग्लादेश चीन से नए कर्जों पर भी कम ब्याज दर और अधिक अवधि की मांग कर रहा है। इसके अलावा, बांग्लादेश ने रूस से रूपपुर न्यूक्लियर पावर प्लांट के कर्ज पर भी ब्याज दरें कम करने और देनदारी की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया है। रूस से लिए गए 50 करोड़ डॉलर के कर्ज पर बढ़ती देनदारी और ब्याज के कारण अब यह कर्ज 60 करोड़ डॉलर से अधिक हो गया है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद लगे प्रतिबंधों ने बांग्लादेश की भुगतान प्रक्रिया को और जटिल बना दिया है। यह कदम बांग्लादेश के तेजी से घटते विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव को कम करने के प्रयास का हिस्सा है।
बांग्लादेश की नई सरकार ने बढ़ते कर्ज को लेकर चीन से लगाई गुहार




