अरविंद केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर उन्हें राजनीति करनी है तो दिल्ली की किसी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें पता है कि दो दिनों के भीतर उन्हें जेल भेज दिया जाएगा, लेकिन इससे उन्हें कोई डर नहीं है।
यमुना जल विवाद को लेकर गुरुवार को केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग राजनीति कर रहा है और मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार सेवानिवृत्ति के बाद नौकरी की तलाश में हैं, इसलिए वह ऐसा कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चुनाव आयोग के पास भी यमुना का पानी भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि उनके पास 20 बोतलें हैं, जिनमें से तीन बोतलें वह राजीव कुमार को भेजेंगे। अगर वह प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसे पीकर दिखा दें, तो वह मान लेंगे कि उन्होंने गलती की है। उन्होंने कहा कि देश ने पहले कभी ऐसे चुनाव नहीं देखे।
चुनाव आयोग द्वारा नोटिस भेजे जाने पर केजरीवाल ने कहा कि आयोग की भाषा किसी राजनीतिक दल की भाषा जैसी लगती है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में खुलेआम धांधली हो रही है और जनता ने इससे पहले ऐसा चुनाव कभी नहीं देखा।
दिल्ली चुनाव से पहले ‘यमुना में जहर’ वाले बयान को लेकर अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। चुनाव आयोग ने उनसे इस दावे के समर्थन में सबूत मांगे हैं और पांच सवालों के जवाब देने को कहा है। इनमें पूछा गया है कि हरियाणा सरकार ने यमुना में किस तरह का जहर मिलाया, उसकी मात्रा और प्रभाव क्या है, और इसे कहां पहचाना गया?
27 जनवरी को एक चुनावी रैली में केजरीवाल ने दावा किया था कि हरियाणा से भेजे जा रहे पानी में जहर मिलाया जा रहा है, जिससे दिल्ली की जनता को प्यासा रखा जा रहा है। उन्होंने कहा था कि यह पानी इतना जहरीला है कि इसे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से भी साफ नहीं किया जा सकता। भाजपा पर हमला बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी दिल्लीवासियों की सामूहिक हत्या की साजिश कर रही है, लेकिन उनकी सरकार ऐसा नहीं होने देगी।
केजरीवाल की इस टिप्पणी पर भाजपा और कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और उनके दावे की सत्यता पर सवाल उठाए। इसके बाद चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस जारी कर अपने दावों के समर्थन में तथ्य पेश करने को कहा। पहले उन्हें 29 जनवरी रात 8 बजे तक का समय दिया गया था, जिसके बाद केजरीवाल ने दिल्ली जल बोर्ड के CEO के पत्र का हवाला देते हुए जवाब दाखिल किया। उन्होंने कहा कि उनका बयान जनता से जुड़े एक महत्वपूर्ण मुद्दे को उजागर करने के लिए था।




