आज से छह साल पहले, 14 फरवरी 2019 को, जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में एक भयावह आतंकी हमला हुआ था, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमलावर आदिल अहमद डार ने विस्फोटकों से भरी गाड़ी से सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया था। इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। भले ही इस हमले को 6 साल बीत चुके हैं, लेकिन इसकी पीड़ा और दर्द आज भी देशवासियों के दिलों में ताजा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं ने पुलवामा हमले की बरसी पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुलवामा हमले की छठी बरसी पर शहीद जवानों को नमन करते हुए कहा, कि राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ पर लिखा, “2019 में पुलवामा में हमने जिन वीर नायकों को खो दिया, उन्हें श्रद्धांजलि। आने वाली पीढ़ियां उनके बलिदान और राष्ट्रभक्ति को कभी नहीं भूलेंगी।”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लिखा, “आज ही के दिन 2019 में भारत ने पुलवामा में एक आतंकवादी हमले में सीआरपीएफ के बहादुर जवानों को खो दिया। देश के लिए उनका बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। मैं उन्हें नमन करता हूं और उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पूरी तरह एकजुट है और अपने जवानों की वीरता का सम्मान करता है।
गृह मंत्री अमित शाह ने भी पुलवामा हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “छह साल पहले आज ही के दिन पुलवामा में हुए कायराना आतंकी हमले में वीरगति को प्राप्त हुए जवानों को राष्ट्र की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि। आतंकवाद पूरी मानव जाति का सबसे बड़ा दुश्मन है और इसके खिलाफ दुनिया एकजुट हो चुकी है।”
14 फरवरी 2019: जब देश दहल उठा था
14 फरवरी 2019 को दोपहर करीब 3 बजे, श्रीनगर नेशनल हाईवे पर अवंतीपोरा के गोरीपोरा इलाके में आतंकियों ने इस भीषण हमले को अंजाम दिया था। सीआरपीएफ के काफिले में 60 से अधिक सैन्य वाहन थे, जिनमें करीब 2547 जवान सफर कर रहे थे। इसी दौरान विस्फोटकों से भरी एक कार सैन्य बसों से टकरा गई और जबरदस्त धमाका हुआ। इस धमाके की गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। कई बसें पूरी तरह तहस-नहस हो गईं और चारों ओर आग और धुआं फैल गया। इस हमले में 40 जवान वीरगति को प्राप्त हुए। पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई थी। इस कायराना हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। भले ही यह घटना छह साल पुरानी हो गई हो, लेकिन इसका दर्द और जवानों का बलिदान देश के हर नागरिक के दिल में आज भी ताजा है।




