पुणे पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है, जिसके लिए 13 टीमें बनाई गई हैं। गुरुवार को उसका गांव पूरी तरह से पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। पुलिस ने खोजी कुत्तों और ड्रोन की मदद से उसके गांव के गन्ने के खेतों की भी तलाशी ली।
महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) के सबसे व्यस्त बस जंक्शन, स्वारगेट पर खड़ी बस में 26 वर्षीय महिला के साथ हुए दुष्कर्म की घटना के बाद पूरे राज्य में आक्रोश है। आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से फरार है, जिससे विपक्ष ने राज्य सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दुष्कर्म का आरोपी दत्तात्रेय रामदास गाड़े (37) अभी भी फरार है।
पुणे पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है। पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने बताया कि दत्तात्रेय की तलाश में 13 टीमें गठित की गई हैं। आरोपी शिरूर के गुनाटा गांव का रहने वाला है, जहां भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। डॉग स्क्वॉड की टीम ने गन्ने के खेतों में सर्च ऑपरेशन चलाया।
यह घटना 25 फरवरी की सुबह करीब 5:45 बजे हुई, जब दत्तात्रेय ने स्वारगेट बस अड्डे पर खड़ी राज्य परिवहन की बस में 26 वर्षीय महिला के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता, जो मेडिकल क्षेत्र में काम करती है, सतारा जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी। घटना के बाद से ही आरोपी फरार है।
पुलिस कमिश्नर के अनुसार, दत्तात्रेय एक हिस्ट्रीशीटर है, जिस पर पुणे और अहिल्यानगर में डकैती, चोरी और चेन स्नेचिंग के कई मामले दर्ज हैं। वह 2019 से एक मामले में जमानत पर था। पुलिस ने आरोपी के मित्रों, रिश्तेदारों और परिचितों से पूछताछ की है।
छत्रपति संभाजीनगर के बस अड्डे के दौरे के दौरान, जिले के संरक्षक मंत्री शिरसाट ने कहा कि पुणे की घटना के बाद उन्होंने स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पाया कि वहां कोई पुलिसकर्मी तैनात नहीं था और उनके लिए बैठने की भी उचित व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थानों पर कम से कम दो पुलिसकर्मियों की तैनाती होनी चाहिए।
आरोपी को मिलेगी फांसी: शिंदे
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि उन्होंने पुणे पुलिस आयुक्त से बात की है और दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार आरोपी को मृत्युदंड दिलाने का पूरा प्रयास करेगी। इस घटना के बाद स्वारगेट डिपो में तैनात सुरक्षा गार्डों को बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने इस घटना की तुलना 2012 के दिल्ली निर्भया कांड से की और महाराष्ट्र सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री योगेश रामदास कदम ने कहा कि पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने जांच में देरी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी थी। परिवहन मंत्री प्रताप सारनाइक ने स्वारगेट बस डिपो के सहायक परिवहन अधीक्षक और मैनेजर के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। अगर वे दोषी पाए गए, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
पीड़िता की आपबीती
पीड़िता ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 5:45 बजे वह सतारा जिले के फलटण जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी। तभी एक व्यक्ति उसके पास आया और बातचीत करने लगा। उसने ‘दीदी’ कहकर उसे भरोसा दिलाया कि सतारा की बस दूसरे स्टैंड पर आ चुकी है। इसके बाद आरोपी उसे स्टेशन परिसर में खड़ी एक खाली ‘शिवशाही’ एसी बस में ले गया। जब पीड़िता ने देखा कि बस के अंदर की लाइटें बंद हैं, तो उसने चढ़ने से हिचकिचाहट दिखाई, लेकिन आरोपी ने उसे भरोसा दिलाया कि यही सही बस है। उसने कहा कि वह टॉर्च जलाकर देख सकती है। जैसे ही वह बस में चढ़ी, आरोपी भी पीछे से अंदर आया और दुष्कर्म कर फरार हो गया।





