शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे का अपने चचेरे भाई और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे से मिलना, राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों से पहले दोनों दलों के बीच संभावित सुलह का एक और मजबूत संकेत माना जा रहा है। यह कम से कम चौथी बार है जब दोनों चचेरे भाइयों के बीच बातचीत या मुलाकात सार्वजनिक रूप से सामने आई है।
बुधवार को उद्धव ठाकरे राज ठाकरे के घर ‘शिवतीर्थ’ पहुंचे, जहां दोनों नेताओं और उनके दलों के अन्य नेताओं के बीच बैठक जारी रही। यह उनकी दूसरी सार्वजनिक मुलाकात है। इससे पहले भी उद्धव गणेश उत्सव पर ‘शिवतीर्थ’ गए थे। वहीं, राज ठाकरे पिछले साल जुलाई में उद्धव को जन्मदिन की बधाई देने बांद्रा स्थित ‘मातोश्री’ गए थे।
5 जुलाई को भी दोनों नेता एक मंच पर नजर आए थे, जब महाराष्ट्र सरकार ने कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों के लिए त्रि-भाषा फॉर्मूले और हिंदी थोपने से जुड़े अपने विवादास्पद आदेश वापस ले लिए थे।
भाजपा से सीधी टक्कर की तैयारी?
हालांकि अभी तक उद्धव और राज ठाकरे की पार्टियों ने किसी औपचारिक गठबंधन की घोषणा नहीं की है, लेकिन संकेत मिल रहे हैं कि वे आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में साथ आ सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो उनका मुख्य मुकाबला भाजपा से होगा। भले ही राज ठाकरे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच अच्छे रिश्ते बताए जाते हैं, लेकिन राजनीति में समीकरण कभी भी बदल सकते हैं। ऐसे में देखना होगा कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति किस दिशा में जाती है।





