इंदौर, उज्जैन, धार, देवास और शाजापुर को मिलाकर 2051 के अनुसार इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन (आईएमआर) की योजना तैयार की जा रही है।
इंदौर: मध्य प्रदेश में इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन (आईएमआर) का प्रारूप तैयार कर लिया गया है। इस योजना में पांच जिलों की 29 तहसीलों के अंतर्गत आने वाले 1756 गांवों को शामिल किया गया है, जो कुल 9336 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले हुए हैं। इस योजना पर अंतिम विचार-विमर्श शनिवार को होगा, जिसमें सांसद, महापौर, विधायक और कलेक्टर उपस्थित रहेंगे। वे प्रेजेंटेशन के बाद अपने सुझाव देंगे, जिसके पश्चात अंतिम स्वीकृति देकर इसे गजट अधिसूचित किया जाएगा।
पांच जिलों को मिलाकर बनाई गई योजना
इंदौर, उज्जैन, धार, देवास और शाजापुर को मिलाकर 2051 के दृष्टिकोण से इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन (आईएमआर) की योजना तैयार की जा रही है, जिसमें कनेक्टिविटी, उद्योग और पर्यावरण संतुलन को प्राथमिकता दी गई है। औद्योगिक इकाइयों को सुदृढ़ करने के लिए दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को भी इस योजना में शामिल किया गया है। साथ ही, सोनकच्छ को भी योजना में जोड़ा गया है ताकि भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन को इंदौर की योजना से जोड़ा जा सके।
महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई
हाल ही में इंदौर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस योजना का अवलोकन किया था। अब इस क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के समक्ष इसका प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया जाएगा। इसके लिए शनिवार दोपहर 11 बजे इंदौर कलेक्टोरेट में एक बड़ी बैठक बुलाई गई है, जिसमें पांच जिलों के कलेक्टर, चार सांसद, तीन महापौर और 20 विधायक शामिल होंगे। इस बैठक में यह बताया जाएगा कि प्रत्येक जिले से कौन-कौन से क्षेत्र इस योजना में लिए गए हैं और तहसीलवार जानकारी दी जाएगी। इसके बाद योजना पर विचार-विमर्श कर सुझावों का मूल्यांकन किया जाएगा।
महत्वपूर्ण बिंदु
- औद्योगिक विकास: इस क्षेत्र के औद्योगिक विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसी के तहत दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को योजना में जोड़ा गया है। साथ ही, बदनावर में प्रधानमंत्री मित्रा पार्क, धार के पीथमपुर, देवास और मक्सी के औद्योगिक क्षेत्र को भी इसमें शामिल किया गया है।
- कनेक्टिविटी: इंदौर को मुख्य केंद्र बनाया गया है क्योंकि यहां का हवाई अड्डा सबसे बड़ा है, जबकि उज्जैन और धार में केवल हवाई पट्टियां हैं। इंदौर, उज्जैन, मक्सी और नागदा में प्रमुख रेलवे जंक्शन हैं, वहीं सड़क मार्ग के लिए नेशनल हाईवे और एमपीआरडीसी की सड़कें भी योजना का हिस्सा हैं।
- पर्यावरण संतुलन: इस योजना में पर्यावरण को भी प्राथमिकता दी गई है। वन क्षेत्र को संरक्षित रखते हुए एयर क्वालिटी इंडेक्स को संतुलित बनाए रखने के प्रयास किए गए हैं। इसके अलावा, जल संसाधनों जैसे छोटी नदियों और तालाबों को भी इस योजना में जोड़ा गया है।
आईएमआर योजना की प्रमुख विशेषताएँ
• 29 तहसीलें
• 1756 गाँव
• 9336 वर्ग किमी क्षेत्र
डाटा संकलन का कार्य जारी
इंदौर की मेहता एंड एसोसिएट्स कंपनी इस योजना पर काम कर रही है। सभी जिलों से आवश्यक डेटा प्राप्त हो चुका है। इसके अतिरिक्त, भोपाल के मेप आईटी ने भी कई आवश्यक दस्तावेज भेजे हैं, जिनका संकलन किया जा रहा है। इस योजना को चार चरणों में पूरा किया जाएगा, जिनमें से दो चरण सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं।






