यूपी: इंजीनियर करता था अश्लीलता का व्यापार, बच्चे भी बने उसके शिकार

जांच में मिले 10 हजार विडिओ, 40 हजार फ़ोटो, और खाते में 1.20 करोड़

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में पुलिस ने एक बड़े साइबर अपराध का पर्दाफाश करते हुए सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने एक ऐसे शातिर युवक को गिरफ्तार किया है, जो इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए अश्लील सामग्री का अवैध कारोबार चला रहा था। आरोपी ने 21 अलग-अलग चैनल बनाकर करीब सात हजार लोगों को अश्लील वीडियो और फोटो बेचने का नेटवर्क खड़ा कर रखा था। यह मामला तब सामने आया जब अप्रैल महीने में एक छात्र ने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई। छात्र ने बताया कि उसका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाया गया एक आपत्तिजनक वीडियो टेलीग्राम पर अपलोड किया गया है। शिकायत के बाद पुलिस ने गंभीरता से जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया।

जांच के दौरान पता चला कि प्रयागराज के धूमलगंज थाना क्षेत्र के बम्हरौली निवासी विकास नामक युवक इस पूरे रैकेट का संचालन कर रहा था। पुलिस ने एक मुखबिर के जरिए आरोपी तक पहुंच बनाई। जब मुखबिर ने अश्लील सामग्री की मांग की, तो आरोपी ने उसे अपने निजी चैनल को सब्सक्राइब करने के लिए कहा और इसके बदले 350 रुपये का शुल्क निर्धारित किया। आरोपी ने अपने बैंक खाते की जानकारी भी साझा की, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने वर्ष 2019 में प्रयागराज के एक निजी कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उसने तकनीकी ज्ञान का दुरुपयोग करते हुए वर्ष 2020 से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ग्रुप और चैनल बनाना शुरू किया। छह वर्षों में उसके नेटवर्क से करीब सात हजार लोग जुड़ गए थे। इन ग्राहकों के लिए उसने अलग-अलग सब्सक्रिप्शन प्लान भी बना रखे थे—350 रुपये मासिक, 450 रुपये तीन माह और 600 रुपये छह माह के लिए।

अब तक की जांच में आरोपी के पास से 10 हजार से अधिक अश्लील वीडियो और लगभग 40 हजार आपत्तिजनक फोटो बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि इनमें से अधिकांश सामग्री लोगों के निजी पलों से जुड़ी हुई है। आरोपी इंटरनेट पर उपलब्ध तकनीकों जैसे गूगल लेंस आदि का उपयोग कर वीडियो की वास्तविक लोकेशन और स्रोत तक पहुंच जाता था। किसी भी वीडियो का छोटा सा क्लिप या स्क्रीनशॉट मिलने पर वह पूरी फाइल खोजकर डाउनलोड कर लेता था और फिर अपने टेलीग्राम चैनलों पर अपलोड कर देता था। वित्तीय जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के तीन बैंक खातों में लगभग 1.20 करोड़ रुपये जमा हैं। पुलिस का मानना है कि यह राशि केवल हालिया लेनदेन की है और कुल कमाई इससे कहीं अधिक हो सकती है। परिजनों को लंबे समय तक इस बात की जानकारी नहीं थी कि विकास किस प्रकार का काम कर रहा है। उन्हें लगता था कि वह ऑनलाइन नौकरी करता है, क्योंकि वह अधिकतर समय अपने कमरे में लैपटॉप और कंप्यूटर पर व्यस्त रहता था। आरोपी के पिता भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त हैं।पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। जांच में यह भी सामने आया है कि उसके सब्सक्राइबर्स में कुछ नाबालिग छात्र भी शामिल हैं, जो इस मामले को और गंभीर बनाता है। फिलहाल पुलिस अन्य पहलुओं की भी गहराई से जांच कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

विशिखा मीडिया

विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया। विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है। विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है। पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता। विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।

Leave a Reply

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading