इस्राइल ने बुरेजी इलाके में शरणार्थी कैंपों पर हमले किए। विस्थापित फलस्तीनियों ने जिस स्कूल में शरण ली थी, उसे भी निशाना बनाया गया। हमले से पहले इस्राइल ने गाजा में भोजन, दवाइयां, ईंधन आदि की आपूर्ति रोक दी, जिससे वहां भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस्राइल द्वारा आज सुबह किए गए हवाई हमलों में कम से कम 400 लोग मारे गए हैं। युद्धविराम के बाद गाजा में यह अब तक का सबसे बड़ा हमला बताया जा रहा है। हमास ने चेतावनी दी है कि इस्राइल के ये नए हमले युद्धविराम का उल्लंघन हैं और बंधकों के जीवन को खतरे में डाल सकते हैं। इसके साथ ही, इस्राइल ने गाजा पट्टी खाली करने के लिए लोगों से कहा है। फलस्तीनी अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में कम से कम 413 लोगों की मौत हुई है। मध्य गाजा के अल-अक्सा मार्टर अस्पताल के प्रवक्ता खलील देगरान ने मंगलवार सुबह इस आंकड़े को अपडेट किया। कहा जा रहा है कि जनवरी में युद्धविराम लागू होने के बाद से यह गाजा में सबसे भयावह हमला है। दूसरी ओर, इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि युद्धविराम को आगे बढ़ाने के लिए वार्ता में कोई खास प्रगति नहीं होने के कारण उन्होंने यह हमला करने का आदेश दिया। नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि इस्राइल अब सैन्य दबाव बढ़ाकर हमास के खिलाफ कार्रवाई करेगा।
इस्राइल ने इस हमले का कारण हमास द्वारा बंधकों की रिहाई से इनकार को बताया। इस्राइल ने कहा कि उसके हवाई हमले हमास के आतंकियों को निशाना बना रहे हैं। वहीं, इन हमलों के बाद गाजा पट्टी में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। हमास ने इस्राइल पर युद्धविराम समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा कि नेतन्याहू और उनकी कट्टरपंथी सरकार की इस कार्रवाई ने बंधकों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है। इस्राइल ने बुरेजी इलाके में शरणार्थी शिविरों पर हमले किए, जहां विस्थापित फलस्तीनियों ने शरण ली थी। स्कूल को भी निशाना बनाया गया। इससे पहले इस्राइल ने गाजा में भोजन, दवाइयों और ईंधन की आपूर्ति रोक दी, जिससे वहां भुखमरी के हालात बन गए हैं। ये हमले उस वक्त हुए जब इस्राइल और हमास के बीच युद्धविराम के दूसरे चरण को लेकर बातचीत चल रही थी। हालांकि, दोनों पक्ष एक-दूसरे पर युद्धविराम समझौते के उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं। हमास के पास अभी भी 24 जीवित बंधक हैं, जबकि अनुमान है कि 35 अन्य बंधक मारे जा चुके हैं। हमास ने इस्राइल के हमलों की निंदा करते हुए कहा कि इन हमलों ने बंधकों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। इस्राइल के हमलों के कारण हमास द्वारा बंधक बनाए गए लगभग 24 इस्राइली नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है, जिनके बारे में माना जाता है कि वे अब भी जीवित हैं। इस्राइल के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि इस्राइल हमास के उग्रवादियों, उनके नेताओं और बुनियादी ढांचे पर हमले कर रहा है और हवाई हमलों से आगे बढ़कर भी कार्रवाई की योजना बना रहा है।
सीरिया और लेबनान में भी हमले
इस्राइल ने गाजा के साथ-साथ लेबनान और सीरिया में भी हवाई हमले किए। रिपोर्ट्स के अनुसार, इन हमलों में कम से कम 10 लोगों की मौत हुई है। सीरिया में दारा इलाके के रिहायशी क्षेत्र को निशाना बनाया गया, जबकि लेबनान में इस्राइल ने दो हिज़बुल्लाह आतंकियों को मारने का दावा किया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि इस्राइल ने गाजा में किए गए इन हमलों को लेकर ट्रंप प्रशासन और व्हाइट हाउस से सलाह ली थी। राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि हमास, हूती और ईरान को अमेरिका व इस्राइल को आतंकित करने की कीमत चुकानी होगी, और हर चीज को तबाह कर दिया जाएगा।
इस्राइली रक्षा मंत्री का बयान
इस्राइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा कि यदि बंधकों को रिहा नहीं किया गया तो “गाजा में और भी खराब स्थिति होगी।” उन्होंने कहा कि जब तक सभी बंधक घर नहीं पहुंच जाते, तब तक यह लड़ाई नहीं रुकेगी। मिस्र और कतर के साथ मध्यस्थता कर रहे अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ ने पहले ही आगाह किया था कि हमास को जीवित बंधकों को तुरंत रिहा करना चाहिए, “अन्यथा उन्हें भारी कीमत चुकानी होगी।” नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि इस्राइल अब अपनी सैन्य कार्रवाई और तेज करेगा।






