इस्राइल गाजा में लगातार सैन्य अभियान चला रहा है। इसी सिलसिले में उसने गाजा के कुछ इलाकों के लिए बड़े पैमाने पर निकासी आदेश जारी किए हैं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इन क्षेत्रों को जल्द से जल्द खाली किया जाए।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, संघर्ष विराम टूटने के बाद से अब तक करीब 2.8 लाख फिलिस्तीनियों को जबरन विस्थापित किया जा चुका है। गुरुवार को इस्राइली सेना ने उत्तरी गाजा में फिर से हवाई हमले किए, जिनमें कम से कम 100 फिलिस्तीनी मारे गए। इनमें एक स्कूल भी निशाने पर था, जहां शरण ले रहे कम से कम 27 लोग मारे गए और 70 से अधिक घायल हुए।
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ज़हीर अल-वाहिदी ने बताया कि तुफ्फाह इलाके के स्कूल से 14 बच्चों और 5 महिलाओं के शव बरामद हुए हैं। उन्होंने कहा कि मरने वालों की संख्या आगे और बढ़ सकती है। शिजाय्याह के पास घरों पर हुए हमलों में भी 30 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। इधर, इस्राइली सेना ने अपने बयान में कहा है कि गाजा में हमास के कमांड और कंट्रोल सेंटर को निशाना बनाया गया था। सेना का दावा है कि उसने नागरिकों को नुकसान से बचाने की कोशिश की है। इससे पहले, बुधवार को भी एक संयुक्त राष्ट्र की इमारत पर हमला इसी आधार पर किया गया था, जिसमें कम से कम 17 लोगों की जान गई थी। हमले से पहले इस्राइली सेना ने उत्तरी गाजा के निवासियों को चेताया था कि वे गाजा शहर के पश्चिमी हिस्सों में शरण लें, क्योंकि इन क्षेत्रों में भारी सैन्य कार्रवाई की जाएगी।
गाजा में नया सुरक्षा गलियारा बनेगा–नेतन्याहू
बुधवार को इस्राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने घोषणा की कि गाजा पट्टी में एक नया सुरक्षा गलियारा बनाया जा रहा है, जिससे राफा शहर को बाकी फलस्तीनी क्षेत्र से अलग कर दिया जाएगा। इस गलियारे को “मोराग कॉरिडोर” कहा गया है, जो राफा और खान यूनिस के बीच बनेगा। नेतन्याहू ने इसे “दूसरा फिलाडेल्फिया कॉरिडोर” कहा, जो मिस्र की सीमा से लगे गाजा के दक्षिणी भाग को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस्राइल गाजा पट्टी को विभाजित कर रहा है और हमास पर लगातार दबाव बना रहा है ताकि वह बंधकों को रिहा करे।
हालांकि, फलस्तीनी प्राधिकरण और हमास दोनों ने इस योजना का विरोध किया है। हमास ने कहा है कि वह केवल शेष 59 बंधकों को ही छोड़ेगा, जिनमें से 24 के जीवित होने की संभावना है। इसके बदले में उन्होंने अधिक फलस्तीनी कैदियों की रिहाई, स्थायी युद्धविराम और इस्राइली सेना की वापसी की मांग रखी है। साथ ही, हमास ने इस्राइल की उस मांग को भी ठुकरा दिया है जिसमें हथियार डालने और क्षेत्र खाली करने की बात कही गई थी।





