भारत के साथ बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान की सेना एक और गंभीर संकट से गुजर रही है हथियारों और गोला-बारूद की भारी कमी। खासतौर पर तोपों और रॉकेट सिस्टम में इस्तेमाल होने वाला बारूद लगभग खत्म हो चुका है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर जंग छिड़ती है तो पाकिस्तान कितने दिन टिक पाएगा?
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान संबंध बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। आतंक को पनाह देने वाले पाकिस्तान को भारत कड़ा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। तीनों सेनाएं अलर्ट मोड पर हैं। जमीन, हवा और समुद्र हर मोर्चे पर भारत ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर लिया है। भारत की सख्त रणनीति और तैयारियों ने पाकिस्तान को डरा दिया है।
पाकिस्तान की सैन्य तैयारी अधूरी और कमजोर रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान के पास केवल 96 घंटे यानी महज चार दिन तक ही लड़ने लायक गोला-बारूद बचा है। 155 मिमी के गोले और 122 मिमी के रॉकेट की भारी कमी हो चुकी है। पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री पुरानी तकनीक और वैश्विक मांग के दबाव में नई सप्लाई देने में असमर्थ है।
यूक्रेन को गोला-बारूद बेचने से खुद को नुकसान गोला-बारूद की यह कमी पाकिस्तान की अपनी गलत नीतियों का परिणाम है। हाल ही में उसने यूक्रेन को भारी मात्रा में गोला-बारूद बेच डाला, जिससे खुद का सैन्य भंडार खाली हो गया। आर्थिक तंगी, बढ़ती महंगाई और गिरते विदेशी मुद्रा भंडार ने हालात और बदतर बना दिए हैं। अब सेना को राशन में कटौती और युद्धाभ्यास रोकने जैसे कठोर कदम उठाने पड़े हैं।
घोर संकट में भी गीदड़ भभकियां: पाकिस्तान के नेता अब भी धमकी भरे बयान देने से बाज नहीं आ रहे। कभी परमाणु हमले की धमकी, तो कभी भारत पर सीधा हमला करने की बात। लेकिन सच यह है कि उनका देश खुद आर्थिक और सामरिक रूप से बेहद कमजोर है जहां आम जनता रोटी और पानी के लिए जूझ रही है। घबराहट में संघर्ष विराम का उल्लंघन तनाव से बौखलाया पाकिस्तान लगातार संघर्ष विराम तोड़ रहा है। बीते 11 दिनों से उसकी ओर से गोलीबारी की जा रही है, जिसका भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है। इसके साथ ही पाकिस्तान ने अपनी अब्दाली मिसाइल का परीक्षण करने का दावा किया और फाइटर जेट्स को फॉरवर्ड एयरबेस पर तैनात कर दिया है। निगरानी और सैन्य गतिविधियों पर पाकिस्तान अरबों रुपये खर्च कर चुका है, जिनका वह वहन भी नहीं कर पा रहा।
भारत की ठोस और निर्णायक कार्रवाई पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं। राजनयिक संबंधों को घटाया गया, सिंधु जल संधि को निलंबित किया गया और पाकिस्तान के नागरिकों के वीजा रद्द किए गए। पाकिस्तानी विमानों के लिए हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया और उनके जहाजों को भारतीय बंदरगाहों पर रुकने से मना कर दिया गया। साथ ही पाकिस्तान से सभी तरह के आयात और डाक सेवाएं भी रोक दी गई हैं।





