26/11 मुंबई आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा को अमेरिका से विशेष विमान के जरिए भारत लाया गया। पालम एयरपोर्ट पर विमान के उतरते ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने राणा को गिरफ्तार कर लिया। जल्द ही उसे दिल्ली स्थित एनआईए की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। राणा को तिहाड़ जेल में रखा जाएगा, जहां उसके रहने की पूरी व्यवस्था पहले से की जा चुकी है। उसके प्रत्यर्पण को देखते हुए सेंट्रल जेल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। अमेरिकी समयानुसार बुधवार शाम करीब 7:10 बजे विमान ने उड़ान भरी थी। राणा के भारत पहुंचने से पहले ही पालम एयरपोर्ट पर सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए। एयरपोर्ट के भीतर चार इनोवा गाड़ियां, दो सफारी, जैमर और बम निरोधक दस्ते वाला पूरा कॉन्वॉय तैनात किया गया था। इसी दिन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ एक अहम बैठक भी की थी।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
राणा के प्रत्यर्पण पर पाकिस्तान की ओर से प्रतिक्रिया भी आई है। पाकिस्तान ने उससे दूरी बनाते हुए कहा है कि तहव्वुर राणा ने पिछले बीस सालों में अपने पाकिस्तानी दस्तावेजों का नवीनीकरण नहीं कराया है और वह अब कनाडा का नागरिक है।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि देश के सबसे बड़े आतंकी हमले के साजिशकर्ता को भारत लाए जाने पर वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हैं। उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर की भी सराहना की और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति के बीच हुई चर्चा के बाद अमेरिका ने इस बड़े अपराधी को भारत भेजा है। अब इसमें कोई शक नहीं कि राणा को उसके अपराध की सख्त सजा मिलेगी।
बीजेपी की प्रतिक्रिया
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे सुरक्षा एजेंसियों, खुफिया विभाग और आतंकवाद निरोधक इकाइयों की एक बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रत्यर्पण नहीं बल्कि नए भारत का संदेश है कि अब हम आतंकी हमलों पर चुप नहीं बैठेंगे, बल्कि उसका मुंहतोड़ जवाब देंगे।




