पहल्गाम में हुए आतंकी हमले में पर्यटकों की मौत के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए सार्क वीजा छूट नीति के तहत पाकिस्तानी नागरिकों को दी जा रही सुविधाएं समाप्त कर दी हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर सीमा हैदर को नेपाल के रास्ते भारत आने को लेकर उसकी पाकिस्तान वापसी की मांग तेज हो गई है।
सीमा हैदर पर नहीं पड़ेगा सीधा असर
सीमा हैदर ने ऑनलाइन गेम पबजी के माध्यम से ग्रेटर नोएडा के सचिन मीणा से संपर्क किया था, जिसके बाद दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। फिर सीमा अपने चार बच्चों के साथ भारत आ गई और अब सचिन के साथ नोएडा में रह रही है। हाल ही में उनके घर एक बच्ची ने जन्म लिया है। सरकार के ताजा फैसले के बाद यह सवाल उठा कि क्या इसका असर सीमा पर पड़ेगा? पुलिस का कहना है कि सीमा पर इस निर्णय का सीधा असर नहीं होगा, क्योंकि वह वीजा के जरिए नहीं बल्कि अवैध तरीके से भारत आई थी। मामला अभी अदालत में विचाराधीन है, जब तक कोर्ट कोई फैसला नहीं देती, उसे देश से बाहर नहीं किया जा सकता।
सीमा ने अपनाया सनातन धर्म
इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से कानूनी सलाह भी ली जा रही है। सीमा के वकील एपी सिंह ने बताया कि सीमा और सचिन दोनों इस परिस्थिति से मानसिक रूप से परेशान हैं। सीमा अब सनातन धर्म अपना चुकी है। उसके दस्तावेज गृह मंत्रालय, एटीएस आदि के पास जमा हैं और राष्ट्रपति के पास उसकी याचिका लंबित है। वह जमानत के आदेश का पालन कर रही है और उसे पाकिस्तान से धमकियां भी मिल रही हैं।
जब मोहल्ले के लोगों से पूछा गया कि क्या सीमा को पाकिस्तान भेज देना चाहिए, तो कुछ ने इसका समर्थन किया जबकि कुछ ने विरोध किया। विरोध करने वालों का कहना है कि सीमा अब भारतीय है और उसकी बच्ची भी यहीं पैदा हुई है। कई युवाओं और बच्चों ने कहा, “सीमा हमारी भाभी है, उसे पाकिस्तान नहीं भेजा जाना चाहिए।” जो लोग सीमा को वापस पाकिस्तान भेजने के पक्ष में हैं, उनका कहना है कि चूंकि वह मूलतः पाकिस्तान की नागरिक है और सरकार ने अब सख्त निर्णय ले लिया है, तो उसे वापस अपने देश लौट जाना चाहिए। उनका यह भी कहना है कि उन्होंने सीमा को अपने गांव में रहने की जगह देकर गलती की, अब उसे वापस जाना चाहिए।
पाकिस्तानी नागरिकों पर लिए भारत सरकार के फ़ैसले के चलते मुद्दा गहराया, क्या सीमा हैदर जाएगी पाकिस्तान





