उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए 9 सितंबर को सुबह 10 बजे से मतदान शुरू होकर शाम 5 बजे तक चलेगा। चुनाव से ठीक एक दिन पहले बीजू जनता दल (बीजेडी) और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने मतदान में हिस्सा न लेने का ऐलान किया है। गौरतलब है कि ये दोनों दल न तो एनडीए और न ही इंडिया ब्लॉक के साथ जुड़े हुए हैं।
दोनों दलों ने स्पष्ट किया है कि वे एनडीए और इंडिया ब्लॉक, दोनों से समान दूरी बनाए रखेंगे। बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामा राव ने कहा कि उपराष्ट्रपति चुनाव से दूर रहने का फैसला तेलंगाना में यूरिया संकट से जूझ रहे किसानों की पीड़ा को दर्शाने के लिए लिया गया है। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस, दोनों पर किसानों की समस्या हल न कर पाने का आरोप लगाया। केटीआर ने कहा कि यदि नोटा का विकल्प होता तो उनकी पार्टी उसे ही चुनती।
वहीं, बीजेडी नेता सस्मित पात्रा ने कहा कि उनकी पार्टी की प्राथमिकता ओडिशा के साढ़े चार करोड़ लोग हैं। उन्होंने बताया कि पार्टी अध्यक्ष नवीन पटनायक ने वरिष्ठ नेताओं और सांसदों से चर्चा के बाद उपराष्ट्रपति चुनाव से दूरी बनाने का निर्णय लिया है। पात्रा ने कहा कि बीजेडी का ध्यान केवल ओडिशा के विकास और जनता की भलाई पर केंद्रित है।
9 सितंबर को होने वाले चुनाव में इंडिया ब्लॉक ने न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) बी. सुदर्शन रेड्डी को और एनडीए ने सीपी राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया है। उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों के सांसदों वाले निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है। यह चुनाव संविधान के अनुच्छेद 64 और 68 के तहत आयोजित होता है। उल्लेखनीय है कि 21 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन, स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद उपराष्ट्रपति पद रिक्त हुआ।
ओडिशा: बीजेडी और बीआरएस का बड़ा ऐलान, उपराष्ट्रपति चुनाव में नहीं करेंगे मतदान






