उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि जिस समाज में महिलाएं और लड़कियां खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करती हैं, वह समाज सभ्य नहीं माना जा सकता। ऐसा लोकतंत्र अपमानित होता है और यह हमारी प्रगति में सबसे बड़ी रुकावट है। महिलाओं के मन में इस प्रकार का भय राष्ट्रीय चिंता का विषय बन गया है। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल अस्पताल में एक ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुए बलात्कार और हत्या के मामले पर विवाद बढ़ता जा रहा है। इस घटना को लेकर पूरे देश में गुस्से का माहौल है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बाद अब उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का भी बयान आया है। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने फिर से कहा कि जहां महिलाएं और लड़कियां सुरक्षित महसूस नहीं करतीं, वह समाज सभ्य नहीं हो सकता, और ऐसा लोकतंत्र हमारी प्रगति में बाधा डालता है। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के भारती कॉलेज में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि हम इस समय एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़े हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस घटना पर गहरी निराशा व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था कि अब बहुत हो चुका है और ऐसे अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस होना चाहिए। उन्होंने कहा था कि बेटियों के खिलाफ इस प्रकार के अपराध किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकते। कोलकाता में इस घटना के विरोध में छात्र, डॉक्टर, और नागरिक प्रदर्शन कर रहे थे, जबकि अपराधी खुले घूम रहे थे। कोलकाता रेप और मर्डर केस की बात करें तो 9 अगस्त को आरजी कर मेडिकल अस्पताल के सेमिनार हॉल से 31 साल की एक ट्रेनी महिला डॉक्टर का शव मिला था। उसके शरीर पर कपड़े नहीं थे, खून बह रहा था, और चोटों के निशान भी थे। इस घटना के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों में आक्रोश बढ़ गया और उन्होंने हड़ताल शुरू कर दी। पुलिस ने इस मामले में आरोपी संजय रॉय को गिरफ्तार किया है। इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी और बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी स्वत: संज्ञान लेते हुए जांच की प्रगति रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया था।
जिस समाज में महिलाएं सुरक्षित नहीं, वो समाज कलंकित है- उपराष्ट्रपति






