गुजरात में भयंकर तबाही मचाने आ रहा चक्रवात ‘असना’

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया है कि चक्रवात असना 48 वर्षों के बाद अरब सागर में बनने वाला पहला तूफान है। मौसम विभाग के अनुसार, अगस्त के महीने में अरब सागर में तूफान का बनना एक बेहद दुर्लभ घटना है। गुजरात में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश हो रही है, जिससे कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस बीच, IMD ने बताया कि अरब सागर में बना चक्रवात असना अब पाकिस्तान की ओर बढ़ रहा है। इस भयंकर चक्रवात के बनने से लोगों की चिंताएँ बढ़ गई हैं, और मौसम विभाग ने इसके मद्देनजर अलर्ट जारी किया है। यह चक्रवात खास इसलिए है क्योंकि 48 सालों में पहली बार अगस्त के महीने में अरब सागर में कोई चक्रवात बन रहा है। IMD के मुताबिक, यह चक्रवात पश्चिम-दक्षिण दिशा में ओमान तक जा सकता है। इस तूफान का नाम ‘असना’ पाकिस्तान ने रखा है।
IMD ने चक्रवात असना को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है, क्योंकि तूफान की वजह से अगले 48 घंटों में गुजरात और उत्तरी महाराष्ट्र के तटों पर 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 1891 से 2023 तक अगस्त में अरब सागर में केवल तीन चक्रवाती तूफान बने हैं। जानकारी के अनुसार, 2024 में जून से अगस्त के बीच कच्छ और सौराष्ट्र में 700 मिमी से अधिक बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्यतः इन क्षेत्रों में 430 मिमी बारिश होती है।
चक्रवात असना को लेकर कई जिलों में अधिकारियों ने झोपड़ियों और अस्थायी घरों में रहने वाले लोगों को स्कूलों, मंदिरों या अन्य इमारतों में शरण लेने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अलर्ट के बाद, कच्छ के डीएम अमित अरोड़ा ने एक वीडियो संदेश जारी कर अबडासा, मांडवी और लखपत तालुका में रहने वाले लोगों से आग्रह किया कि वे अपनी झोपड़ियों और कच्चे घरों को छोड़कर एहतियातन किसी स्कूल या मजबूत इमारतों में शरण लें। डीएम अमित अरोड़ा ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे शुक्रवार शाम तक गरीब वर्ग के लोगों को अपने घरों में शरण देने के लिए आगे आएं। IMD के अनुसार, कच्छ और आसपास के क्षेत्रों में बना गहरा दबाव अगले 12 घंटों के दौरान उत्तर-पूर्वी अरब सागर में पश्चिम की ओर बढ़ने और एक चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। इसके बाद यह अगले दो दिनों के दौरान भारतीय तट से दूर पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा।

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