सरकार ने प्रस्तावित जीएसटी 2.0 का ढांचा तैयार किया है, जिसके तहत जीएसटी दरों को केवल दो स्लैब 5% और 18% में किया जाएगा।
👉 आम जनता को बड़ी राहत
• बीमा प्रीमियम पर अब 18% की जगह शून्य या 5% जीएसटी लगेगा।
• जीवन बीमा, स्वास्थ्य बीमा, दवाइयां, टूथब्रश, बालों का तेल और खाद्य पदार्थों जैसी जरूरी वस्तुएं या तो टैक्स मुक्त होंगी या 5% श्रेणी में आएंगी।
• टीवी, एसी, रेफ्रिजरेटर जैसी वस्तुएं 28% से घटकर 18% स्लैब में आ जाएंगी।
• सीमेंट, जूते-चप्पल और रोजमर्रा की कई चीजें सस्ती हो सकती हैं।
👉 ऑटोमोबाइल सेक्टर पर असर
• छोटी पेट्रोल और डीजल कारों पर टैक्स 28% से घटकर 18% होगा।
• हाइब्रिड कारें और दोपहिया वाहन भी सस्ते होंगे।
• बिक्री में 15-20% की बढ़ोतरी की संभावना है।
• बड़ी इंजन क्षमता वाली कारों पर कर घटकर 40% हो सकता है।
👉 कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर लाभ
• ट्रैक्टर पर टैक्स 12% से घटाकर 5% किया जा सकता है।
• खाद्य उत्पादों पर भी 12% से घटाकर 5% टैक्स होने की उम्मीद।
👉 आर्थिक असर
• मांग में 2.4 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी का अनुमान।
• खुदरा महंगाई में 0.40% कमी आ सकती है।
• निम्न आय वाले परिवारों पर कर का बोझ घटेगा।
👉 जीएसटी संग्रह और संरचना
• वर्तमान में 4 स्लैब (5%, 12%, 18%, 28%) लागू हैं।
• 12% स्लैब की 99% वस्तुएं 5% में और 28% की 90% वस्तुएं 18% में शिफ्ट होंगी।
• केवल 5-7 वस्तुएं ही 40% टैक्स दायरे में रहेंगी (जैसे लक्ज़री कारें, तंबाकू)।
• मासिक जीएसटी संग्रह 2021-22 में 1.51 लाख करोड़ से बढ़कर 2024-25 में 1.84 लाख करोड़ तक पहुंचा है।
👉 विवाद होंगे खत्म
नमकीन, पराठे, केक जैसी वस्तुओं पर पहले वर्गीकरण को लेकर अलग-अलग दरें लागू थीं। अब एक ही दर लागू होने से ऐसे विवाद खत्म होंगे।
📌 हीरे पर 0.25% और आभूषणों पर 3% जैसी विशेष दरें बरकरार रहेंगी।






