दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इंटेलिजेंस ब्यूरो ने दिल्ली पुलिस को एक सूची सौंपी है, जिसमें लगभग 5200 पाकिस्तानी नागरिकों के नाम दर्ज हैं। इन सभी से जल्द से जल्द अपने देश लौटने के लिए कहा गया है।
दिल्ली में आने वाले अधिकांश पाकिस्तानी नागरिकों का पता स्थानीय अस्पतालों का है। ये लोग इलाज के लिए भारत आए थे और फिर गायब हो गए। इंटेलिजेंस ब्यूरो और फॉरेन रिजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) द्वारा दी गई सूची के अनुसार, इन पाकिस्तानी नागरिकों के पते दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों से जुड़े हुए हैं। साकेत स्थित मैक्स अस्पताल के पते पर हाल ही में 55 से 60 पाकिस्तानी नागरिकों के आने की जानकारी मिली थी। पुलिस के अनुसार, इनमें से न तो कोई अस्पताल में भर्ती है और न ही उनका कहीं कोई सुराग है।
दक्षिण जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि विभिन्न अस्पतालों से संपर्क कर इन नागरिकों का पता लगाया जा रहा है। दक्षिण जिला पुलिस के अतिरिक्त उपायुक्त अचिन गर्ग ने कहा कि पाकिस्तानियों की पहचान के लिए जोरशोर से वेरिफिकेशन अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि सोमवार शाम तक एक भी पाकिस्तानी नागरिक पकड़ा नहीं जा सका था। सूचना है कि कई पाकिस्तानी दिल्ली के अन्य अस्पतालों के पते पर भी पंजीकृत हैं।
देश में 60 हजार से अधिक पाकिस्तानी नागरिक
दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने बताया कि इंटेलिजेंस ब्यूरो ने जो सूची दी है, उसमें दिल्ली में ठहरे करीब 5200 पाकिस्तानी नागरिकों के नाम हैं, जो वीजा अवधि समाप्त होने के बावजूद रुके हुए हैं। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में टूरिस्ट्स पर हुए आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार के निर्देश पर शुरू की गई है। एफआरआरओ के एक अधिकारी ने जानकारी दी कि देशभर में 60,000 से अधिक पाकिस्तानी नागरिक मौजूद हैं।
स्पेशल ब्रांच को मिली सूची
एफआरआरओ ने यह सूची दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच को सौंपी थी, जिसे बाद में अलग-अलग जिलों के पुलिस उपायुक्तों को भेजा गया, ताकि पाकिस्तानी नागरिकों का पता लगाया जा सके। सूत्रों के अनुसार, सूची में उन पाकिस्तानी हिंदू नागरिकों के नाम भी शामिल हैं, जिनके पास लॉन्ग टर्म वीजा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि लॉन्ग टर्म वीजा धारकों पर यह नियम लागू नहीं होगा।
तत्काल वेरिफिकेशन के निर्देश
दिल्ली पुलिस के अनुसार, सभी जिला पुलिस उपायुक्तों ने अपने थानों और यूनिटों को यह सूची दे दी है और पाकिस्तान से आए नागरिकों का तत्काल सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। खासकर मध्य दिल्ली, जामिया नगर और नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में पाकिस्तानी नागरिकों की संख्या ज्यादा पाई गई है। दिल्ली पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारियों को भी इन लोगों की जानकारी जुटाने और उन्हें जल्द से जल्द देश छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, कई पाकिस्तानी नागरिक पहले ही भारत छोड़ चुके हैं। सरकार का कहना है कि 2014 से पहले जो हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन समुदाय के लोग पाकिस्तान से आए हैं, उन्हें भारत में नागरिकता दी जा रही है, क्योंकि उन्हें वहां धार्मिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था। दिल्ली में ऐसे कई पाकिस्तानी हिंदू नागरिक मजनू का टीला, वसंत विहार और बाहरी दिल्ली के इलाकों में रह रहे हैं।




