ट्रंप प्रशासन का फैसला; अमेरिका में कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनी नोवावैक्स को कराने होंगे नए परीक्षण

ट्रंप प्रशासन ने कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने वाली कंपनी नोवावैक्स पर नए नियम लागू किए हैं। अब कंपनी को कोविड-19 वैक्सीन के लिए नए परीक्षण कराने होंगे। इस कदम से न केवल नोवावैक्स, बल्कि अन्य कोविड टीकों के भविष्य को लेकर भी अनिश्चितता बढ़ गई है।

अमेरिका में एक पारंपरिक (प्रोटीन-आधारित) कोरोना वैक्सीन बनाने वाली नोवावैक्स कंपनी पर ट्रंप प्रशासन नए नियम लागू करने की कोशिश कर रहा है। इसके तहत नोवावैक्स को कोविड-19 के टीके के लिए नए परीक्षण करने होंगे। इसका असर अन्य टीकों पर भी पड़ सकता है और उनके भविष्य को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
नोवावैक्स ने सोमवार को जानकारी दी कि अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने उनसे कहा है कि पूर्ण मंजूरी मिलने के बाद भी उन्हें अपने टीके का एक नया परीक्षण करना पड़ेगा। कंपनी ने कहा कि उसने इस पर प्रतिक्रिया दी है और उसे भरोसा है कि उसका टीका मंजूरी योग्य है। एफडीए के आयुक्त मार्टी मकरी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए बताया कि हर साल टीकों में किए जाने वाले छोटे बदलावों (जैसे स्ट्रेन अपडेट) के लिए भी अब नए परीक्षण की आवश्यकता हो सकती है। चूंकि परीक्षणों में समय लगता है, इसलिए यह चिंता बढ़ गई है कि क्या फाइजर और मॉडर्ना जैसे अन्य टीकों को भी इस तरह की नई प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ेगा। जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय में पूर्व एफडीए वैक्सीन प्रमुख डॉ. जेसी गुडमैन ने कहा कि अगर हर बार स्ट्रेन बदलने पर नए परीक्षण जरूरी होंगे, तो टीकों को समय पर उपलब्ध कराना कठिन हो जाएगा।
एफडीए का यह फैसला ऐसे समय आया है जब एफडीए के पुराने टीका प्रमुख को स्वास्थ्य मंत्री रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर से मतभेदों के चलते हटा दिया गया था। कैनेडी ने सीनेट में अपनी नियुक्ति के दौरान वादा किया था कि वे टीकाकरण कार्यक्रम में बड़े बदलाव नहीं करेंगे, लेकिन अब वे बच्चों के टीकों की गहन समीक्षा करवा रहे हैं और पुराने, खारिज हो चुके दावों (जैसे टीकों और ऑटिज्म के बीच संबंध) को फिर से जांचने को कह रहे हैं।
नोवावैक्स का टीका लगभग 30,000 लोगों पर किए गए परीक्षण में सफल रहा था और वर्तमान में इसे अमेरिका में आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण के तहत दिया जा रहा है। वहीं, फाइजर और मॉडर्ना के mRNA टीकों को कुछ आयु वर्गों के लिए एफडीए की पूरी मंजूरी मिल चुकी है। हर साल कोरोना वायरस के बदलते स्वरूप के अनुसार टीका निर्माता अपने टीकों को एफडीए के निर्देश पर थोड़ा संशोधित करते हैं, जैसे हर साल फ्लू वैक्सीन में किया जाता है।
स्थिति से परिचित दो सूत्रों ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि एफडीए पहले 1 अप्रैल तक नोवावैक्स को पूरी मंजूरी देने वाला था, लेकिन ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने एफडीए वैज्ञानिकों को अचानक मंजूरी प्रक्रिया रोकने का आदेश दिया। इसके बाद से नोवावैक्स और एफडीए के बीच अतिरिक्त शर्तों को लेकर बातचीत चल रही है।

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