जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत की सख्त कार्रवाई से घबराए पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ गई है। लगातार दुनिया के सामने सफाई देने और धमकियां देने की कोशिश में जुटा पाकिस्तान अब अंदरूनी स्तर पर मंथन कर रहा है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ गुरुवार को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से मुलाकात करने पहुंचे और देश की सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की। बैठक में दोनों नेताओं ने कहा कि पाकिस्तान किसी भी हमले का जोरदार जवाब देने के लिए तैयार है। हालांकि, पाकिस्तान की कमजोर आर्थिक और राजनीतिक स्थिति को देखते हुए उसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हो रही है।
पहलगाम में 26 निर्दोषों की बेरहमी से हत्या
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने 26 लोगों की नृशंस हत्या कर दी थी, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। इस हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और अधिक बढ़ गया। इसके बाद शहबाज शरीफ ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी से भी बात की और हमेशा की तरह इस हमले की निष्पक्ष जांच की बात दोहराई। अमेरिका के सामने भी शरीफ इस मुद्दे पर सफाई दे चुके हैं।
भारत ने दिए कड़े जवाब
हमले के अगले ही दिन भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाने की घोषणा की। इसमें सिंधु जल संधि को निलंबित करना, अटारी बॉर्डर को बंद करना और राजनयिक संबंधों को सीमित करना शामिल है। इसके अलावा बुधवार को भारत ने पाकिस्तानी एयरलाइनों के लिए अपना हवाई क्षेत्र भी बंद कर दिया।
यूएनएससी अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
भारत-पाक तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष इवेंजेलोस सेकेरिस ने कहा कि यदि अनुरोध किया जाता है तो इस मामले पर चर्चा की जा सकती है। हाल ही में सुरक्षा परिषद ने पहलगाम हमले की कड़ी निंदा करते हुए प्रेस बयान जारी किया था और दोषियों को सजा दिलाने की मांग की थी।






