जम्मू: सीजफायर के दूसरे दिन भी सीमा पर शांति बनी रही, लेकिन सोमवार रात एक बार फिर सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन की गतिविधियाँ देखी गईं। इसके बाद एहतियातन जम्मू संभाग के कुछ हिस्सों में ब्लैकआउट कर दिया गया और पुलिस ने जम्मू में लाइटें बंद करवा दीं। सेना ने ड्रोन की गतिविधियों की पुष्टि की है, लेकिन किसी प्रकार के हमले से इनकार किया है। वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और शांत है। सेना और सुरक्षा एजेंसियाँ पूरे मामले की जांच में जुटी हुई हैं।
रविवार रात जम्मू-कश्मीर और अंतरराष्ट्रीय सीमा के अन्य क्षेत्रों में कोई घटना नहीं हुई थी, पर सोमवार रात सांबा और कठुआ समेत कई इलाकों में ड्रोन देखे जाने की सूचना से हड़कंप मच गया। अखनूर के चौकी चौरा क्षेत्र में एक चीनी ड्रोन बरामद किया गया है, जिसे स्थानीय पुलिस ने जब्त कर जांच शुरू कर दी है। सीजफायर के बावजूद सेना और बीएसएफ हाई अलर्ट पर बनी हुई हैं। सीमा पर शांति के बावजूद भारतीय सेना, बीएसएफ और पुलिस अधिकारी लगातार सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा कर सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा कर रहे हैं और पाकिस्तानी हमलों से हुए नुकसान का आकलन कर रहे हैं ताकि मरम्मत का काम किया जा सके। सोमवार को दिन में सीमावर्ती क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन बहाल रहा। तनाव के चलते जो लोग सुरक्षित स्थानों पर चले गए थे, उनमें से अधिकांश अब अपने घर लौट आए हैं। सोमवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के बाद सांबा, कठुआ, रामगढ़ और परगवाल क्षेत्रों में ड्रोन देखे गए, जिन्हें भारतीय सेना ने मार गिराया।
सीमापार से शनिवार रात तक हुई थी गोलाबारी
गौरतलब है कि पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 6 मई की रात पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। इसके बाद पाकिस्तान ने जम्मू, उधमपुर और श्रीनगर में भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन दागे, लेकिन भारतीय सुरक्षा बलों ने इन हमलों को विफल कर दिया। पाकिस्तान ने जम्मू, सांबा, कठुआ, पुंछ और राजौरी के रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाया, जिसमें 12 नागरिकों और एक जेकेएएस अफसर सहित बीएसएफ और सेना के जवान शहीद हुए। इसके बाद भारत और पाकिस्तान ने शनिवार शाम 5 बजे सीजफायर की घोषणा की, लेकिन पाकिस्तान ने रात 11 बजे तक सीमापार से गोलाबारी और ड्रोन से हमला करने का प्रयास जारी रखा।
ड्रोन गतिविधियों से दहशत का माहौल
प्रधानमंत्री के भाषण के बाद जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में ड्रोन गतिविधियाँ देखी गईं, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। लोग ग्रुप मैसेजिंग के जरिए जानकारी साझा करने लगे। कैंक गांव में ड्रोन से बम जैसी कोई वस्तु गिरने से सनी सिंह की पत्नी सोनिया चाडक बेहोश हो गईं, जिन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया और उपचार के बाद घर भेज दिया गया। वहीं बैंगलड गांव में भी एक महिला डर के कारण बेहोश हो गई, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।





