ग्वालियर नगर निगम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष कृष्णराव दीक्षित को कांग्रेस पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। दीक्षित ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की सराहना की थी, साथ ही कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए थे। पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए उन्हें निष्कासित कर दिया है।
पार्टी लाइन से हटकर दिए बयान
कांग्रेस अनुशासन समिति के अनुसार, कृष्णराव दीक्षित ने एक साक्षात्कार में कहा था कि कांग्रेस पार्टी अब अपनी विचारधारा से भटक चुकी है और उस पर कम्युनिस्ट सोच हावी हो गई है। उन्होंने कुछ नीतिगत फैसलों, जैसे वक्फ बोर्ड से जुड़े निर्णयों, का भी विरोध किया था। इतना ही नहीं, उन्होंने सांप्रदायिक ताकतों को समाज और देश के हित में बताया था। ये सभी बातें कांग्रेस के संविधान और अनुशासन के खिलाफ मानी गईं।
नोटिस के बाद भी नहीं बदला रवैया
दीक्षित को पार्टी ने तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा गया था। लेकिन वे अपने बयान पर कायम रहे। नतीजतन, जिला कांग्रेस कमेटी ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया।
भाजपा में जाने की अटकलें तेज
अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कृष्णराव दीक्षित जल्द ही भाजपा का दामन थाम सकते हैं। बताया जा रहा है कि वे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी माने जाते हैं।






