
फरार आरोपियों के संभावित ठिकानों पर पुलिस कर रही है छापेमारी
कानपुर किडनी कांड में फरार चार मुख्य आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी कर दिया है। साथ ही उनके वित्तीय लेनदेन की भी गहन जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस टीमें मेरठ, नोएडा और देहरादून समेत एनसीआर के कई संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। जांच में मेरठ, नोएडा और दिल्ली के नर्सिंग होम से जुड़े डॉ. अफजाल, डॉ. रोहित, डॉ. वैभव और डॉ. अनुराग उर्फ डॉ. अमित के नाम सामने आए हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें अलग-अलग शहरों में सक्रिय हैं और दिल्ली-एनसीआर पुलिस व अन्य एजेंसियों का सहयोग लिया जा रहा है। विदेश भागने की आशंका को देखते हुए लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। मामले में खुलासा हुआ है कि केशवपुरम स्थित आहूजा अस्पताल में रविवार देर रात मुजफ्फरनगर की पारुल तोमर का किडनी ट्रांसप्लांट बिहार के बेगूसराय निवासी आयुष की किडनी से किया गया। ऑपरेशन के बाद पारुल को प्रिया हॉस्पिटल और आयुष को मेडलाइफ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस और सीएमओ की टीम ने अस्पताल संचालक डॉ. सुरजीत सिंह, उनकी पत्नी डॉ. प्रीति आहूजा समेत राजेश कुमार, राम प्रकाश, नरेंद्र सिंह और शिवम अरोड़ा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया।
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि फरार डॉक्टर किडनी ट्रांसप्लांट में सीधे तौर पर जुड़े थे। डॉ. रोहित और उनकी टीम के ऑपरेशन के समय मौजूद रहने के साक्ष्य मिले हैं। आरोपियों ने यह भी बताया कि ऑपरेशन से पहले स्टाफ को छुट्टी देने और सीसीटीवी कैमरे बंद करने की सलाह डॉ. रोहित ने दी थी, जिससे तीन मार्च को हुए ट्रांसप्लांट की रिकॉर्डिंग नहीं हो सकी। जांच में यह भी सामने आया है कि डॉ. अफजाल, डॉ. वैभव और डॉ. अमित का संबंध मेरठ के अल्फा अस्पताल समेत अन्य संस्थानों से भी रहा है। पुलिस उनके सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है, लेकिन अब तक वे हाथ नहीं लगे हैं। परिजनों और करीबी लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि फरार आरोपियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है और निजी अस्पतालों व नर्सिंग होम से भी जानकारी जुटाई जा रही है। इसके साथ ही चारों डॉक्टरों और एनसीआर के कुछ नर्सिंग होम संचालकों के बैंक खातों की डिटेल मांगी गई है। लेनदेन की पूरी जानकारी के लिए बैंकों से संपर्क किया गया है और आयकर विभाग से भी सहयोग लिया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, इस किडनी रैकेट के तार दिल्ली-एनसीआर के अलावा अन्य शहरों से भी जुड़े हो सकते हैं। कमिश्नरी पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।




