बलूच नेता मीर यार बलोच ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “तुम मारोगे, हम निकलेंगे। हम अपनी नस्ल बचाने निकले हैं, आओ हमारा साथ दो।” उन्होंने भारत सहित पूरी दुनिया से बलूचिस्तान की आजादी के समर्थन की अपील की। मीर यार बलोच ने बुधवार को बलूचिस्तान को पाकिस्तान से स्वतंत्र घोषित करते हुए कहा कि बलूचिस्तान कभी पाकिस्तान का हिस्सा नहीं रहा। उन्होंने दशकों से चले आ रहे दमन, हिंसा, जबरन गायब किए जाने और मानवाधिकारों के उल्लंघन का हवाला दिया।
भारत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन की मांग
बलूच नेता ने भारत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अनुरोध किया कि वे बलूचिस्तान की आजादी को स्वीकार करें और इसका समर्थन करें। उन्होंने भारतीय मीडिया और बुद्धिजीवियों से अपील की कि वे बलूच लोगों को “पाकिस्तान के लोग” न कहें, क्योंकि बलूच खुद को पाकिस्तानी नहीं, बल्कि बलूचिस्तानी मानते हैं।
पाक अधिकृत कश्मीर को लेकर भारत के रुख का समर्थन
मीर यार ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) पर भारत की स्थिति का समर्थन किया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान पर पीओके खाली करने का दबाव डालने की मांग की। उन्होंने चेताया कि अगर पाकिस्तान ने ध्यान नहीं दिया, तो उसे 1971 की तरह अपमान सहना पड़ सकता है, जब ढाका में 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया था।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सेना पीओके के नागरिकों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रही है और अगर युद्ध हुआ तो इसकी जिम्मेदारी केवल इस्लामाबाद और वहां के लालची सैन्य जनरलों की होगी।
“अब दुनिया को चुप नहीं रहना चाहिए”
बलूच नेता ने कहा कि बलूचिस्तान की जनता ने अपना राष्ट्रीय निर्णय ले लिया है, अब दुनिया को चुप नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया को पाकिस्तान की बातों पर एकतरफा भरोसा नहीं करना चाहिए और बलूचों की आवाज को भी सुना जाना चाहिए।





