गाज़ा पर इज़रायली हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। रविवार को इज़रायली सेना ने एक बार फिर गाज़ा के विभिन्न इलाकों पर हमला किया, जिसमें 34 लोगों की जान चली गई।
इज़रायल, फिलिस्तीनी संगठन हमास के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई बंद करने को तैयार नहीं दिख रहा। यही वजह है कि गाज़ा और आस-पास के क्षेत्रों में लगातार हमले हो रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच वार्ता की कोशिशें जारी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है और इज़रायली सेना का अभियान जारी है। इससे गाज़ा के लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
हवाई हमलों में भारी तबाही
रविवार को हुए इज़रायली हवाई हमलों में जबालिया और बेत लाहिया में घरों और सभाओं को निशाना बनाया गया, जबकि दक्षिणी गाज़ा के खान यूनिस में भी मकानों, एक सभा स्थल और एक मोटरसाइकिल पर हमले किए गए। डेयर अल-बलाह में विस्थापित लोगों के लिए बनाए गए एक तंबू पर भी हमला हुआ। गाज़ा की सिविल डिफेंस एजेंसी ने इन हमलों में मारे गए लोगों की पुष्टि की है।
कई जख्मी, हालत गंभीर
इन हमलों में कई लोग जख्मी भी हुए हैं। उन्हें अस्पतालों और चिकित्सा शिविरों में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। कुछ घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है।
क्या इज़रायल युद्ध रोकना नहीं चाहता?
इज़रायल की ओर से लगातार हो रहे हमलों को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि वह युद्ध रोकने के पक्ष में नहीं है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी यह स्पष्ट कर चुके हैं कि जब तक सभी इज़रायली बंधक रिहा नहीं हो जाते और हमास गाज़ा नहीं छोड़ता, तब तक युद्ध-विराम पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।





