ललितपुर: मधुमक्खियों के हमले में सीडीओ कमलाकांत पांडेय बेहोश हो गए। वहीं, विशेष सचिव सुनील कुमार वर्मा, एडीएम नमामि गंगे राजेश कुमार श्रीवास्तव समेत 9 अधिकारी और कर्मचारी जख्मी हो गए। देवगढ़ में रविवार को निरीक्षण के दौरान अधिकारियों पर मधुमक्खियों ने हजारों बार डंक मारा। इससे सीडीओ कमलाकांत पांडेय बेहोश हो गए। विशेष सचिव सुनील कुमार वर्मा, एडीएम राजेश कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य 9 अधिकारी-कर्मचारी भी जख्मी हुए।
वन विभाग की टीम और ग्रामीणों की मदद से सभी जख्मी अधिकारियों को मेडिकल कॉलेज लाया गया। हालत गंभीर होने पर एडीएम को झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया। वन विभाग के अनुसार इत्र की खुशबू से मधुमक्खियां भड़क गईं और उन्होंने हमला कर दिया। शासन की ओर से नियुक्त नोडल अधिकारी विशेष सचिव (रेशम विकास) सुनील वर्मा योजनाओं के निरीक्षण के लिए शनिवार को आए थे। रविवार सुबह 10 बजे वे अन्य अधिकारियों के साथ देवगढ़ क्षेत्र में थे। सभी बौद्ध गुफाओं को देखने के लिए पहाड़ी से नीचे उतर रहे थे, तभी छत्तों में रहने वाली मधुमक्खियां भड़क गईं और अधिकारियों पर हमला कर दिया। सभी अधिकारी बाहर निकल गए, लेकिन सीडीओ मधुमक्खियों के हमले से बेहोश हो गए। उन्हें चारपाई पर लिटाकर बाहर निकाला गया।
एडीएम और सीडीओ के शरीर से निकाले गए डंक
झांसी/ललितपुर: एडीएम राजेश श्रीवास्तव के चेहरे, पेट, हाथ, सिर और कान में मधुमक्खियों ने डंक मारे। झांसी मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में भर्ती एडीएम के शरीर से लगभग साढ़े तीन सौ डंक निकाले गए। सीएमएस डॉ. सचिन माहुर ने बताया कि इलाज के बाद एडीएम की सूजन कम हो रही है। ललितपुर में भर्ती सीडीओ कमलाकांत पांडेय के चेहरे, पेट, हाथ और सिर में भी कई डंक लगे थे। हमले में एडीएम राजेश कुमार श्रीवास्तव, सीडीओ कमलाकांत पांडेय और सीडीओ के गनर चंद्रपाल गंभीर रूप से जख्मी हुए। नोडल अधिकारी सुनील कुमार को भी मधुमक्खियों ने कई जगह डंका। इसके अलावा नायब तहसीलदार घनेंद्र तिवारी, उपनिरीक्षक दिनेश कुमार, लेखपाल सूर्यांश, शशांक, ऊदल समेत अन्य जख्मी हुए।
राहत कार्य में कठिनाई
मधुमक्खियों के हमले की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन से बचाव टीमें रवाना हुईं, लेकिन खराब रास्ते के कारण वहां पैदल पहुंचने में लगभग एक घंटा लग गया। सीडीओ को चारपाई पर पहाड़ी से ट्रैक्टर-ट्राली तक लाया गया, फिर एंबुलेंस में पहुंचाया गया। सुबह 10 बजे हमला हुआ था, लेकिन दोपहर 1 बजे तक मेडिकल कॉलेज पहुंचा पाए। देवगढ़ के बौद्ध गुफाओं तक पहुंचने के लिए घने जंगल में दूर वाहन खड़े करने पड़ते हैं और पहाड़ी से नीचे उतरना होता है। वन विभाग द्वारा रास्ता बनने में बाधा उत्पन्न होने से राहत कार्य में देरी हुई।
सीडीओ और अन्य सभी की हालत सामान्य है। एडीएम को बेहतर इलाज के लिए झांसी मेडिकल कॉलेज भेजा गया है और वे ठीक हैं। नोडल अधिकारी की भी स्थिति सामान्य है।-अक्षय त्रिपाठी, डीएम






