अमेरिका के टेक्सास राज्य में आई विनाशकारी बाढ़ ने अब तक 109 लोगों की जान ले ली है, जबकि 160 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। राहत व बचाव दल लगातार शवों और लापता लोगों की खोज में जुटे हैं। बचाव कार्य के लिए हवाई सर्वेक्षण किया जा रहा है और हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। इसी बीच एक रिपोर्ट में बताया गया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर सकते हैं।
टेक्सास के मध्य क्षेत्र से गुजरने वाली ग्वाडालूप नदी में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने कहा कि बाढ़ में अब तक 109 लोग मारे गए हैं और 160 से ज्यादा लोग लापता हैं। मंगलवार को उन्होंने हेलीकॉप्टर से प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और फिर मीडिया से बातचीत में बताया कि जिन लोगों का अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है, उनमें से कई लोग हिल कंट्री इलाके में रहते थे, लेकिन उन्होंने किसी कैंप या होटल में पंजीकरण नहीं करवाया था। सरकारी टीमें अब भी बाढ़ पीड़ितों की तलाश में जुटी हुई हैं। इस बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर बाढ़ से पहले मौसम की चेतावनी कब और किसने दी थी, लेकिन प्रशासन का कहना है कि इस वक्त सबसे जरूरी काम लोगों को बचाना है।
केर काउंटी, जहां सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, वहां अब तक 87 शव बरामद हो चुके हैं। अधिकारियों ने साफ किया है कि उनकी प्राथमिकता लापता लोगों को ढूंढना है, न कि यह जांच करना कि आपदा से पहले क्या-क्या चूक हुई। टेक्सास गेम वार्डन के लेफ्टिनेंट कर्नल बेन बेकर ने कहा, “अभी हमारा सारा ध्यान लोगों को सुरक्षित उनके घर पहुंचाने पर है।” जीवित बचे लोगों को ढूंढने की उम्मीद दिन-ब-दिन कमजोर होती जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि केर काउंटी में पिछले चार दिनों से कोई भी व्यक्ति जीवित नहीं मिला है।
गवर्नर एबॉट ने मंगलवार को एक बार फिर कैंप मिस्टिक जाने की योजना बनाई है। यह सौ साल पुराना ऑल-गर्ल्स क्रिश्चियन समर कैंप है, जहां बाढ़ में 27 बच्चियों और स्टाफ के सदस्यों की मौत हो गई थी। अब भी पांच बच्चियां और एक स्टाफ सदस्य लापता हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस त्रासदी को “अभूतपूर्व घटना” बताया है और शुक्रवार को प्रभावित इलाकों का दौरा करने का ऐलान किया है।
स्वयंसेवकों ने संभाली जिम्मेदारी
टेक्सास हिल कंट्री में 4 जुलाई की छुट्टियों के दौरान अचानक आई बाढ़ ने इतिहास की सबसे भीषण आपदाओं में से एक को जन्म दिया। सोमवार तड़के, जब जस्टिन रुबियो ने आसमान में बिजली की गर्जना, सायरन और हेलीकॉप्टर की आवाजें सुनीं, तो उन्होंने भी राहत कार्य में हाथ बंटाने का फैसला लिया। हालांकि प्रशासन ने आम नागरिकों से बचाव अभियान में शामिल न होने की अपील की थी, लेकिन जस्टिन समेत कई स्थानीय लोग लापता लोगों की खोज में निकल पड़े। प्रशासन की कोशिशों के साथ-साथ नागरिकों की यह मदद भी राहत अभियान को और मजबूत बना रही है।




