राजधानी पटना के चर्चित गोपाल खेमका हत्याकांड के चौथे दिन पुलिस ने मामले का पर्दाफाश करने का दावा किया है। इसी दौरान एक एनकाउंटर भी हुआ, जिस पर मृतक के परिजनों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। पुलिस अधिकारी ने एक साउंड क्लिप भी सुनाई, लेकिन अब उस पर भी संदेह जताया जा रहा है। मामले में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है और एनकाउंटर का वीडियो भी जारी किया गया है। इस पूरे घटनाक्रम में कई ऐसे बिंदु हैं जिनसे खुद पुलिस संदेह के घेरे में आ गई है। हालांकि डीजीपी विनय कुमार ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस कर कई जानकारियां दीं, लेकिन पत्रकारों के कई सवालों पर उन्होंने जांच का हवाला देकर जवाब टाल दिया।
प्रेस कांफ्रेंस में एडीजी (मुख्यालय सह एसटीएफ) कुंदन कृष्णन ने मोबाइल से एक ऑडियो क्लिप सुनाई। इसमें दो लोग जमीन से जुड़े विवाद पर गाली-गलौज करते हुए बातचीत कर रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, उनमें से एक शख्स बिल्डर अशोक साव है, जबकि दूसरे की पहचान अब तक नहीं बताई गई। बातचीत में गोपाल खेमका का नाम भी लिया गया। अधिकारी ने बताया कि अशोक साव के मोबाइल से कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
पत्रकारों के तीखे सवालों में उलझी पुलिस
- जब पत्रकारों ने पूछा कि वारदात की सूचना के बाद पुलिस डेढ़ घंटे देरी से क्यों पहुंची, तो अधिकारी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।
- घटना के कुछ देर बाद पहुंचे पुलिसकर्मी बिना मौके का निरीक्षण किए वापस क्यों लौट गए, इसका भी जवाब नहीं मिला।
- हत्याकांड के बाद साक्ष्य जुटाने में लापरवाही बरती गई।
- नजदीकी थाने और वरिष्ठ अधिकारियों को फोन से खबर देने के बावजूद समय पर पुलिस टीम क्यों नहीं पहुंची, यह पूछे जाने पर पुलिस प्रमुख जवाब टालते नजर आए। इससे स्पष्ट हुआ कि उनके पास संतोषजनक उत्तर नहीं था।
- परिजनों के इस आरोप पर कि एनकाउंटर के नाम पर सरेआम हत्या की गई, डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि इसकी जांच कराई जाएगी।
इन तमाम सवालों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एनडीए में शामिल जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी बयान दिया कि इस हत्याकांड में कुछ राजनीतिक चेहरे शामिल हो सकते हैं। जब यह सवाल डीजीपी से पूछा गया तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि हत्या के असली कारणों की जांच अभी चल रही है। जल्द ही इनका खुलासा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुरानी रंजिश या मृतक के बेटे गुंजन खेमका की कुछ साल पहले हुई हत्या के केस में मुख्य गवाह होना भी वजह हो सकता है। जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।






