धर्मांतरण के मामलों में आरोपी जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिकंजा कस दिया है। ईडी की 15 टीमों ने बलरामपुर, मुंबई और लखनऊ में छांगुर और उसके करीबियों के 12 ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला नेटवर्क से जुड़े इस अभियान में करोड़ों की संपत्ति, भारी मात्रा में सोना, नकदी और महंगी गाड़ियां बरामद की गईं। यह कार्रवाई पूरी योजना के साथ सुबह 6 बजे शुरू हुई, ताकि किसी को फरार होने का मौका न मिले। बलरामपुर में करीब 13 घंटे तक कार्रवाई चली, जिसमें जमीन की खरीद-फरोख्त और लेन-देन से जुड़े कई लोगों के घरों की भी तलाशी ली गई।
ईडी ने मुंबई में शहजाद शेख उर्फ इलियास शेख के महिम और बांद्रा स्थित ठिकानों की भी तलाशी ली, जिसके खातों में छांगुर ने एक करोड़ रुपये ट्रांसफर किए थे। लखनऊ के चिनहट क्षेत्र में स्थित बलरामपुर कोर्ट के बाबू राजेश उपाध्याय के घर पर भी छापा मारा गया। छापेमारी के दौरान ईडी को कई बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज, सोना, नकदी और लग्जरी वाहन मिले हैं। साथ ही दुबई, यूएई और नेपाल से मिली संदिग्ध फंडिंग के भी सुराग हाथ लगे हैं। बलरामपुर के उतरौला क्षेत्र में छांगुर बाबा और उसके साथियों के 12 ठिकानों पर ईडी की टीमों ने एक साथ दबिश दी। टीम ने छांगुर के मधपुर स्थित घर, कॉम्प्लेक्स और जमीन विक्रेताओं से जुड़ी जानकारी जुटाई। इसके अलावा, कई स्थानीय ग्राम प्रधानों और शोरूम कर्मियों के घरों पर भी छापे मारे गए और पूछताछ की गई।
ईडी की रणनीति रही बेहद गोपनीय और सटीक
ईडी ने बेहद गोपनीय ढंग से योजना बनाकर कार्रवाई को अंजाम दिया। किसी को भी इसकी भनक तक नहीं लगी। लोगों को यह उम्मीद थी कि पहले छांगुर को रिमांड पर लिया जाएगा, लेकिन ईडी ने पहले उसके नेटवर्क को ध्वस्त करने का निर्णय लिया। सुबह 6 बजे छापेमारी शुरू होते ही सभी लोग घर पर ही मौजूद थे, जिससे कोई भी फरार नहीं हो सका।
पूछताछ में घबरा गए आरोपी
जैसे ही छांगुर से जुड़े लोगों का सामना ईडी से हुआ, उनकी जुबान लड़खड़ाने लगी। पूछताछ के दौरान किसी को बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। उतरौला पुलिस ने भी सुरक्षा के लिहाज से मोर्चा संभाल रखा था। सूत्रों के अनुसार, इस जांच में बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला लेन-देन का खुलासा हुआ है। सभी सबूतों की जांच के बाद ईडी जल्द ही छांगुर को हिरासत में लेकर उससे गहन पूछताछ करेगी।





