अहमदाबाद में एअर इंडिया के भयावह विमान हादसे के एक महीने बाद टाटा ग्रुप ने पीड़ितों की सहायता के लिए एक वेलफेयर ट्रस्ट की स्थापना की है। इस ट्रस्ट को मुंबई में रजिस्टर किया गया है और इसका नाम ‘एआई-171 मेमोरियल एंड वेलफेयर ट्रस्ट’ रखा गया है।
टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स ने शुक्रवार को इस ट्रस्ट की घोषणा करते हुए बताया कि दोनों ने इसमें 250-250 करोड़ रुपये का योगदान देने का वादा किया है। यह फंड पीड़ितों को सामाजिक और मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
ट्रस्ट की राशि कहां खर्च होगी?
• हादसे में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
• गंभीर रूप से घायल लोगों के इलाज का पूरा खर्च ट्रस्ट द्वारा वहन किया जाएगा।
• हादसे में क्षतिग्रस्त बी जे मेडिकल कॉलेज हॉस्टल की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए भी सहायता दी जाएगी।
गौरतलब है कि हादसे के तुरंत बाद टाटा ग्रुप ने मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये की मुआवजा राशि देने की घोषणा की थी। इसके अलावा, एअर इंडिया ने भी सभी पीड़ितों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा दिया था। यह हादसा 12 जून 2025 को हुआ था, जब एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171, जो अहमदाबाद से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट जा रही थी, उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस भीषण हादसे में 260 लोगों की मौत हुई, जिनमें 241 विमान यात्री व चालक दल के सदस्य और 19 ज़मीन पर मौजूद लोग शामिल थे। विमान में कुल 12 क्रू सदस्य और 230 यात्री सवार थे। मृतकों में 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली, और 1 कनाडाई नागरिक शामिल थे।
वर्तमान में इस हादसे की जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो एएआईबी द्वारा की जा रही है। जांच का नेतृत्व एएआईबी के निदेशक संजय कुमार सिंह कर रहे हैं, जबकि जसबीर सिंह लर्घा प्रमुख जांचकर्ता हैं। इसके अलावा डीजीसीए के तीन अधिकारी विपिन वेणु वरकोथ, वीरराघवन के., और वैष्णव विजयकुमार भी टीम में शामिल हैं।






