राजस्थान के झालावाड़ जिले में स्कूल हादसे के बाद मेडिकल राहत कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में नरेश मीणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मनोहरथाना के पिपलोदी गांव में स्कूल की छत गिरने की घटना के बाद जिला अस्पताल में हुए हंगामे को लेकर नरेश मीणा और उनके दो साथियों को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, नरेश मीणा पर सरकारी काम में बाधा डालने, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को बाधित करने और डॉक्टरों के साथ अभद्रता व धक्का-मुक्की करने के आरोप हैं। कोतवाली थाना प्रभारी रामकेश मीणा ने बताया कि जिला अस्पताल के डीन डॉ. संजय पोरवाल और अधीक्षक डॉ. अशोक शर्मा ने इस संबंध में शिकायत दी थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि नरेश मीणा और उनके सहयोगियों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया, ICU और इमरजेंसी सेवाओं में खलल डाली, साथ ही अस्पताल कर्मचारियों से दुर्व्यवहार भी किया।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया। झालावाड़ के एसपी अमित कुमार ने गिरफ्तारी की पुष्टि की। शनिवार को आरोपियों को एसीजेएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां न्यायाधीश मीनाक्षी व्यास ने उन्हें 8 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए।
हाल ही में हुए थे रिहा
कुछ दिन पहले ही टोंक से निर्दलीय विधायक रहे नरेश मीणा को एक एसडीएम को थप्पड़ मारने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उस समय उन्हें इस शर्त पर जमानत मिली थी कि वे भविष्य में ऐसा व्यवहार नहीं दोहराएंगे। लेकिन 25 जुलाई को नरेश मीणा झालावाड़ जिला अस्पताल पहुंचे और वहां धरना दिया, जिससे ICU में भर्ती मरीजों को परेशानी हुई। इस घटना के चलते अब उनके खिलाफ नया मामला दर्ज हुआ है।






