देश में सामान्य से 7% अधिक वर्षा, मौसम विभाग ने जारी किए बारिश के आंकड़े

देश में इस वर्ष मानसून की बारिश 1 जून से शुरू हुई है। इस बार कई राज्यों में सामान्य से ज्यादा वर्षा रिकॉर्ड की गई है। यहां तक कि लद्दाख जैसे शुष्क क्षेत्र में भी 30 मिमी बारिश दर्ज की गई है। अब तक पूरे देश में औसत से 7% अधिक बारिश हुई है, हालांकि यह वर्षा सभी राज्यों में समान रूप से नहीं हुई है।

वर्तमान में देश के विभिन्न हिस्सों में अच्छी बारिश हो रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अब तक की बारिश के आँकड़े जारी किए हैं। विभाग के अनुसार 1 जून से शुरू हुए मानसून सीजन में अब तक कुल 447.8 मिमी वर्षा हुई है, जबकि सामान्य औसत 418.9 मिमी होता है। इस प्रकार 7 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है, लेकिन राज्यों में इसका वितरण असमान रहा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक राजस्थान, लद्दाख, नागालैंड, मणिपुर और सिक्किम में “सामान्य से बहुत अधिक” वर्षा दर्ज की गई है, जिसे “लार्ज एक्सेस रेनफॉल” श्रेणी में रखा गया है।

राज्यवार वर्षा के आंकड़े:
• राजस्थान: 384.7 मिमी वर्षा हुई, जबकि सामान्य 200.4 मिमी है (92% अधिक)
• लद्दाख: सामान्य 10.7 मिमी के मुकाबले 30 मिमी वर्षा हुई (181% अधिक)
• नागालैंड: 514.5 मिमी वर्षा, सामान्य के करीब
• मणिपुर: 457.9 मिमी वर्षा, सामान्य के आसपास
• सिक्किम: 598.4 मिमी वर्षा, जो सामान्य से 78% अधिक है

जिन राज्यों में वर्षा ने रिकॉर्ड बनाए:
“अधिक वर्षा” (20-59% ज्यादा) वाले राज्य/केंद्रशासित प्रदेश हैं:
• मध्य प्रदेश: 645.8 मिमी (54% अधिक)
• गुजरात: 463.2 मिमी (35% अधिक)
• दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव: 1466.1 मिमी (27% अधिक)
• झारखंड और असम भी इस श्रेणी में शामिल हैं

सामान्य वर्षा वाले राज्य:
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, ओडिशा, गोवा, त्रिपुरा, मिजोरम, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़, पुडुचेरी और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में वर्षा औसत के ±19% के दायरे में रही है।

कम वर्षा वाले राज्य:
• अरुणाचल प्रदेश: 521.8 मिमी (सामान्य 942.2 मिमी – 45% की कमी)
• बिहार: 272 मिमी (सामान्य 474.2 मिमी – 43% की कमी)
• असम, दिल्ली, महाराष्ट्र और लक्षद्वीप में भी 20-59% तक कम बारिश हुई

मौसम विभाग ने मई में अनुमान लगाया था कि मानसून के दौरान देश में औसत से 106% वर्षा हो सकती है, जबकि 96-104% को सामान्य माना जाता है। लद्दाख, हिमाचल के आसपास के क्षेत्रों, पूर्वोत्तर, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कुछ हिस्सों को छोड़कर देश के अधिकांश इलाकों में सामान्य से अधिक वर्षा की संभावना है। हालांकि, पंजाब, हरियाणा, केरल और तमिलनाडु के कुछ क्षेत्रों में बारिश सामान्य से कम हो सकती है। गौरतलब है कि मानसून भारत की कृषि व्यवस्था की रीढ़ है, जिससे देश की 42% आबादी की आजीविका जुड़ी है और यह जीडीपी में लगभग 18.2% का योगदान देता है।

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