
ईरानी अधिकारियों के हवाले से सामने आई ताजा जानकारी में दावा किया गया है कि देश के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के पैर की सर्जरी की गई है, जबकि उनका चेहरा भी झुलस गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सर्वोच्च नेता बनाए जाने के बाद से मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। द न्यूयार्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि सुरक्षा कारणों से वह किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं और ईरानी शासन से संपर्क बनाए रखने के लिए केवल पत्रों का सहारा ले रहे हैं। बताया गया है कि वह अपने पहले सार्वजनिक संबोधन में खुद को कमजोर या असुरक्षित नहीं दिखाना चाहते। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इस्राइल की निगरानी से बचने के लिए संदेशों के आदान-प्रदान का तरीका बेहद गोपनीय रखा गया है। संदेश हाथ से लिखकर लिफाफों में सील किए जाते हैं और भरोसेमंद कूरियरों के जरिए एक श्रृंखला में आगे बढ़ाए जाते हैं। ये कूरियर कारों और मोटरसाइकिलों से अलग-अलग मार्गों से होते हुए संदेश को उनके ठिकाने तक पहुंचाते हैं।
गंभीर रूप से घायल, कई सर्जरी की जरूरत
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि सत्ता संभालने के बाद मोजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हैं और फिलहाल गुप्त स्थान से काम कर रहे हैं। हालांकि वह होश में हैं और मानसिक रूप से सक्रिय बताए जा रहे हैं, लेकिन शारीरिक रूप से उनकी स्थिति गंभीर है। उनके एक पैर का तीन बार ऑपरेशन हो चुका है और अब उन्हें कृत्रिम पैर की आवश्यकता पड़ सकती है। एक हाथ की भी सर्जरी की गई है, जो धीरे-धीरे ठीक हो रहा है। इसके अलावा उनके चेहरे और होंठ बुरी तरह झुलस गए हैं, जिससे उन्हें बोलने में दिक्कत हो रही है और भविष्य में प्लास्टिक सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।
ईरान ने ट्रंप के दावों को किया खारिज
यह जानकारी ऐसे समय सामने आई है जब ईरान के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व में मतभेद की अटकलें लगाई जा रही हैं। ट्रंप ने भी दावा किया था कि ईरान के अंदरूनी नेतृत्व में मतभेद हैं। हालांकि, ईरान ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान के राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश में पूर्ण एकजुटता है। उन्होंने लिखा, “ईरान में कोई कट्टरपंथी या उदारवादी नहीं है, हम सभी ईरानी और क्रांतिकारी हैं। देश में एकता है और हम किसी भी हमलावर को करारा जवाब देंगे। एक अल्लाह, एक देश, एक नेता और एक ही रास्ता… ईरान की जीत हमारे लिए सर्वोपरि है।”






