
भारतीय निर्वाचन आयोग ने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के लिए बड़ी घोषणा की है। आयोग ने बीएलओ का वार्षिक पारिश्रमिक दोगुना करने का फैसला किया है। इसके साथ ही बीएलओ पर्यवेक्षकों के पारिश्रमिक में भी वृद्धि की गई है। इतना ही नहीं, निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) और सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) को भी अब पहली बार मानदेय दिया जाएगा।
चुनाव आयोग ने कहा कि सटीक और विश्वसनीय मतदाता सूचियां लोकतंत्र की नींव होती हैं। इस व्यवस्था में ईआरओ, एईआरओ, बीएलओ पर्यवेक्षक और बीएलओ जैसे चुनाव कर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ये सभी मिलकर निष्पक्ष और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करने में अहम योगदान देते हैं।
आयोग ने बताया कि बीएलओ का अंतिम बार पारिश्रमिक 2015 में संशोधित किया गया था। अब एक बार फिर इसे दोगुना किया गया है। इसके अलावा, बिहार में शुरू हो रहे विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत बीएलओ को ₹6,000 का विशेष प्रोत्साहन भी दिया जाएगा।
यह निर्णय चुनाव आयोग की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत वह चुनाव प्रक्रिया में लगे कर्मियों को उचित आर्थिक सहयोग देने और उनके परिश्रम का सम्मान करने की दिशा में लगातार प्रयासरत है।





