दिल्ली-एनसीआर: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को सुल्तानपुरी स्थित डीडीए फ्लैट्स का निरीक्षण किया। उनके साथ दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि ये फ्लैट वर्ष 2011 में झुग्गीवासियों के लिए बनाए गए थे, जिन पर सरकार ने अरबों रुपये खर्च किए थे। लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों की उदासीनता और नीयत की कमी के कारण ये फ्लैट गरीबों को नहीं दिए गए और अब 50,000 फ्लैट जर्जर हालत में पहुंच चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इन फ्लैट्स की मरम्मत और दोबारा निर्माण के लिए सरकार को करोड़ों रुपये और खर्च करने होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा की सरकार संकल्पित है कि हर झुग्गीवासी को एक पक्का मकान, सुरक्षित वातावरण और सुविधाएं मिलें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “हर गरीब को घर” देने के संकल्प के तहत दिल्ली सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी एजेंसी को झुग्गियां तोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी जब तक झुग्गीवासियों को वैकल्पिक मकान न मिल जाए।
रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछली सरकारों ने वर्षों तक झुग्गीवासियों को मकान देने का कोई ठोस प्रयास नहीं किया, और अब वही लोग झुग्गियों के टूटने पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो सरकार 10 लाख मकान बनाकर गरीबों को आवंटित करेगी, जिससे हर नागरिक को सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन मिल सके।
दिल्ली में 10 लाख लोगों को मकान देने की योजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में करीब 10 लाख लोगों को मकान की आवश्यकता है। उन्होंने सुल्तानपुरी के 50 हजार जर्जर डीडीए फ्लैट्स का दौरा कर हालात का जायजा लिया। सरकार झुग्गियों के बदले मकान देने की संभावनाएं तलाश रही है। उनका कहना था कि सभी को मकान के साथ-साथ स्नानघर और स्वच्छ शौचालय की सुविधाएं भी दी जाएंगी।
गृह मंत्री आशीष सूद ने कहा कि प्रधानमंत्री के “जहां झुग्गी, वहां मकान” योजना के तहत मुख्यमंत्री ने अपने बजट में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उसी के तहत यह निरीक्षण किया गया है। अब समय आ गया है कि झुग्गीवासियों को भी एक सम्मानजनक जीवन मिले। दिल्ली सरकार इन फ्लैट्स की मरम्मत और पुनर्निर्माण करके आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को गरिमामय जीवन देने का कार्य करेगी।





