उत्तर प्रदेश में अब 1 करोड़ रुपये तक की संपत्ति खरीदने वालों को स्टाम्प ड्यूटी में अधिकतम 1 लाख रुपये तक की राहत मिलेगी। आइए जानें कि योगी सरकार ने किन वर्गों को यह लाभ देने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि हाल ही में महिलाओं को दी गई स्टाम्प शुल्क छूट का लाभ अब पूर्व सैनिकों और दिव्यांगजन भी उठा सकेंगे। यह घोषणा उन्होंने स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान की। इस बैठक में विभागीय मंत्री रविंद्र जायसवाल भी उपस्थित रहे।
सरकार के नए फैसले के अनुसार, महिलाओं, दिव्यांगजन और पूर्व सैनिकों को संपत्ति खरीद पर स्टाम्प शुल्क में 1% की छूट मिलेगी, जिसकी अधिकतम सीमा 1 लाख रुपये होगी। यह छूट केवल 1 करोड़ रुपये तक की संपत्तियों पर लागू होगी। पहले यह सीमा 10,000 रुपये थी, जिसे बढ़ाकर अब 1 लाख रुपये कर दिया गया है।
फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए मुख्यमंत्री ने आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य करने और 20 हजार रुपये से अधिक निबंधन शुल्क पर ई-भुगतान लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही, प्राधिकरण के आवंटियों के लिए सिंगल विंडो के जरिए ई-पंजीकरण शुरू करने को कहा। उन्होंने यह भी बताया कि 2002 से 2017 तक के 99% पंजीकृत विलेखों का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है और वर्तमान में 98% से अधिक निबंधन कार्य ई-स्टाम्प से किए जा रहे हैं। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने विभाग को जल्द से जल्द रिक्त पदों पर भर्ती करने, वेंडर्स के कमीशन को तार्किक बनाने और 10 साल तक की अवधि वाले छोटे किरायेनामों पर शुल्क में छूट देने पर विचार करने के निर्देश भी दिए।






