उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव से पहले राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर भाजपा की परेशानी बढ़ा दी है। भाजपा अब रालोद प्रमुख जयंत चौधरी से बातचीत की तैयारी में जुटी है, जबकि रालोद अपने कार्यकर्ताओं की ताकत पर जीत का भरोसा जता रहा है।
मेरठ। प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। इस बीच भाजपा की सहयोगी रहीं रालोद ने अकेले मैदान में उतरने का फैसला किया है, जिससे भाजपा खेमे में हलचल बढ़ गई है। भाजपा ने जिला और क्षेत्रीय स्तर पर अपनी चुनावी रणनीति तय करते हुए संयोजक और सह संयोजक नियुक्त कर दिए हैं। भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिसोदिया ने कहा कि गठबंधन पर अंतिम निर्णय अभी बाकी है और शीर्ष नेतृत्व जल्द ही जयंत चौधरी से बातचीत करेगा। रालोद का यह रुख भाजपा के लिए असमंजस की स्थिति बना रहा है। अब सभी की निगाहें इस ओर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में दोनों दलों की वार्ता किस दिशा में आगे बढ़ती है।
उधर, वोटर लिस्ट को अपडेट करने का काम तेजी से चल रहा है। भाजपा का लक्ष्य इस बार भी अधिकतर जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख पद जीतने का है। इसी कारण रालोद के साथ गठबंधन की सिफारिशें हो रही थीं। वहीं, रालोद पंचायत चुनाव समिति के प्रदेश संयोजक डॉ. कुलदीप उज्ज्वल ने साफ कहा कि उनकी पार्टी स्थानीय स्तर पर अपने बूते चुनाव लड़ेगी। उनका मानना है कि पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव की नींव होते हैं और यदि पंचायत स्तर पर संगठन मजबूत होगा तो विधानसभा में सफलता हासिल करना और आसान हो जाएगा।
यूपी: रालोद का पंचायत चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान, बीजेपी की परेशानी बढ़ी






