• टेक कंपनियों के पास रहता है आपका सारा डाटा
• एआई के दुरुपयोग से मध्यप्रदेश में लोगों की परेशानी बढ़ी
• साइबर ठगों द्वारा युवतियों की फोटो से छेड़छाड़ कर पोर्न वीडियो बनाने के मामले सामने आए
एआई से खूबसूरत तस्वीरें बनाने का चलन अब नए खतरे पैदा कर रहा है। गूगल के जैमिनी नैनो फोटो एडिटिंग टूल और हाल ही में सामने आए “एआई साड़ी एडिट ट्रेंड” के दौरान एक इंस्टाग्राम यूजर का मामला साफ करता है कि टेक कंपनियां यूजर्स की निजता से समझौता कर रही हैं। इनके पास इतना निजी डेटा है कि वे यह तक जानते हैं कि डीपफेक में तिल कहां लगाना है। गूगल पहले ही इस डेटा के इस्तेमाल के लिए यूजर्स से सहमति ले चुका है।
मध्यप्रदेश में एआई का दुरुपयोग
राज्य में एआई टूल्स से साइबर अपराध तेजी से बढ़े हैं। हाल ही में 40 युवतियों की तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ कर पोर्न वीडियो बनाए गए। इस मामले में देवास पुलिस ने 18 वर्षीय अभिषेक को गिरफ्तार किया और रासुका भी लगाई, लेकिन घटनाओं पर रोक नहीं लग रही।
इंदौर की युवती का मामला
एक युवती सोशल मीडिया पर लगातार अपनी तस्वीरें अपलोड करती थी। साइबर अपराधियों ने उसकी आईडी हैक कर तस्वीरों को एआई की मदद से पोर्न में बदल दिया और ब्लैकमेल करने लगे। बात फैलने से उसकी शादी टूट गई और वह अवसाद का शिकार हो गई।
एक इंस्टाग्राम यूजर ने बताया कि उन्होंने इंस्टाग्राम पर “एआई साड़ी ट्रेंड” के लिए अपनी फोटो अपलोड की थी। तस्वीर में वे फुल स्लीव्स सूट में थीं, लेकिन एआई द्वारा बनाई तस्वीर में उनके कंधे पर तिल नजर आया। वे पूछती हैं—एआई को इसके बारे में पता कैसे चला? आशंका है कि एआई ने उनकी पुरानी तस्वीरें बिना अनुमति सोशल मीडिया से ले ली होंगी।
जग्गी वासुदेव का डीपफेक वीडियो
बेंगलुरु में एक महिला को सोशल मीडिया पर जग्गी वासुदेव का निवेश संबंधी वीडियो मिला। उस पर भरोसा कर उसने 3.75 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में पता चला कि वह वीडियो डीपफेक तकनीक से बनाया गया था।
अरिजीत सिंह की आवाज की क्लोनिंग
एआई प्लेटफॉर्म ने गायक अरिजीत सिंह की आवाज की नकल करते हुए उनके गानों को वॉइस क्लोनिंग से बदल दिया। कई गाने सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिए गए। अरिजीत ने बॉम्बे हाईकोर्ट में केस दर्ज किया और कोर्ट ने अस्थायी राहत देते हुए उन गानों को हटाने का आदेश दिया।
सावधानियां
• मेटाडेटा हटाएं: फोटो अपलोड करने से पहले लोकेशन और डिवाइस डिटेल्स डिलीट करें।
• चेहरा और आवाज अपलोड न करें: इनका दुरुपयोग सबसे आसान है।
• नीति पढ़ें: जिस ऐप या प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं, उसकी डेटा पॉलिसी देखें। अगर वह आपके डेटा को एआई ट्रेनिंग में इस्तेमाल करता है तो फोटो/वीडियो अपलोड करने से बचें।






