• समय पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
• हेयर फॉल की समस्या से कई लोग परेशान रहते हैं।
• कुछ ब्लड टेस्ट कराने से असली वजह पता चल सकती है।
अगर आपके बाल बहुत तेजी से झड़ रहे हैं, क्या कंघी में बालों का गुच्छा देखकर डर लगता है, और आप इसे सिर्फ मौसम या तनाव की वजह मान रहे हैं, तो हो सकता है आप गलती कर रहे हों। कई बार बालों का झड़ना केवल तनाव या खराब दिनचर्या ही नहीं, बल्कि कोई अंदरूनी बीमारी का संकेत होता है, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। शरीर के कई बदलाव सीधे बालों की सेहत को प्रभावित करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि गंजेपन से पहले अगर कुछ जरूरी ब्लड टेस्ट करवा लिए जाएं, तो इस समस्या को समय रहते रोका जा सकता है।
• आयरन और फेरिटिन
शरीर में आयरन की कमी बाल झड़ने का बड़ा कारण बनती है। जब आयरन पर्याप्त मात्रा में न हो, तो कोशिकाएं सही ढंग से काम नहीं करतीं और बालों की जड़ों तक पोषण नहीं पहुंच पाता। फेरिटिन प्रोटीन शरीर में आयरन को स्टोर करता है। इन दोनों की कमी से बाल पतले और कमजोर हो जाते हैं।
• विटामिन-D3
यह न सिर्फ हड्डियों बल्कि बालों की ग्रोथ के लिए भी जरूरी है। विटामिन-D3 की कमी से हेयर फॉलिकल्स कमजोर हो जाते हैं, नए बाल उगना बंद हो जाते हैं और पुराने बाल झड़ने लगते हैं।
• विटामिन-B12
यह विटामिन लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है, जो बालों की जड़ों तक ऑक्सीजन और पोषण पहुंचाती हैं। इसकी कमी से बाल झड़ने के साथ-साथ बेजान और कमजोर भी हो जाते हैं। खासकर शाकाहारी लोगों में इसकी कमी ज्यादा पाई जाती है।
• थायरॉयड प्रोफाइल (TSH, T3, T4)
थायरॉयड हार्मोन शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करते हैं। हाइपोथायरायडिज्म या हाइपरथायरायडिज्म दोनों ही बालों के झड़ने की समस्या पैदा करते हैं। हार्मोन का संतुलन बिगड़ने पर बाल सूखे और टूटने वाले हो जाते हैं। इसलिए थायरॉयड टेस्ट कराना बेहद जरूरी है।
• हार्मोन पैनल
पुरुष और महिलाएं दोनों हार्मोनल असंतुलन के कारण हेयर फॉल से परेशान हो सकते हैं। पुरुषों में DHT (Dihydrotestosterone) का बढ़ा हुआ स्तर गंजेपन का कारण बनता है क्योंकि यह हेयर फॉलिकल्स को छोटा कर देता है। वहीं महिलाओं में पीसीओएस (PCOS) जैसी समस्याओं के चलते हार्मोनल बदलाव से बाल झड़ने लगते हैं।






