यासीन मलिक के दावे से सियासी गलियारों में भूचाल…!

एक हत्यारे का कूटनीति में इस्तेमाल करना बेहद शर्मनाक, जिसने कश्मीरी पंडितों समेत कई निर्दोष लोगों की जान ली- एसपी वैद पूर्व डीजीपी जम्मू-कश्मीर

यासीन मलिक के ताज़ा दावों ने राजनीति में हलचल मचा दी है। उसका कहना है कि उसने लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख और आतंकी हाफिज सईद से मुलाकात की जानकारी तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को दी थी। इस पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एस.पी. वैद ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक हत्यारे का इस्तेमाल कूटनीति के लिए करना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि यह उस दौर की सरकार के लिए सबसे बड़ी शर्म की बात है, जिसने कश्मीरी पंडितों समेत कई निर्दोष लोगों की जान ली।

पूर्व प्रधानमंत्री ने किया था धन्यवाद
आतंकी मामलों में दोषी ठहराये गए और फिलहाल उम्रकैद की सजा काट रहे यासीन मलिक ने दिल्ली हाई कोर्ट में दायर हलफनामे में दावा किया है कि वह भारत सरकार के कहने पर पाकिस्तान गया था और वहां हाफिज सईद से मिला था। उसका कहना है कि भारत लौटने के बाद उसने मनमोहन सिंह को पूरी रिपोर्ट दी थी, जिसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री ने उसका धन्यवाद भी किया था।

“सरकार ने हत्यारे का इस्तेमाल किया” – वैद
एएनआई से बातचीत में वैद ने कहा कि यह बेहद चौंकाने वाली और शर्मनाक बात है कि कूटनीति के लिए एक हत्यारे का सहारा लिया गया। उन्होंने कहा कि मलिक के हलफनामे के मुताबिक, वह पाकिस्तान गया, हाफिज सईद से मिला और फिर लौटकर मनमोहन सिंह को जानकारी दी। इसका साफ मतलब है कि सरकार ने ऐसे शख्स का इस्तेमाल किया, जिसने पांच वायुसेना कर्मियों और अनेक कश्मीरी हिंदुओं की हत्या की। वैद ने यह भी कहा कि जिस हत्यारे को हाफिज सईद से संपर्क साधने के लिए राजनयिक बनाया गया, वही आतंकी भारत से नफरत करता है और हजारों भारतीयों की मौत का जिम्मेदार है। वैद ने आगे कहा कि अब यह जनता पर निर्भर करता है कि वे कैसी सरकार चुनना चाहते हैं। इस तरह की कूटनीति और सरकार का होना किसी भी लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है।
गौरतलब है कि एक दिन पहले यासीन मलिक ने यह भी दावा किया था कि वी.पी. सिंह से लेकर मनमोहन सिंह तक, लगातार छह भारतीय सरकारों ने कश्मीर में शांति पहल के लिए उससे संपर्क साधा था।

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